लोहाघाट (चंपावत)। लोहाघाट विधानसभा में सियासी तापमान तेजी से बढ़ रहा है। राज्य सभा सदस्य महेंद्र माहरा के समर्थक तो अब खुले तौर पर कह रहे हैं कि उन्हें विधायक नहीं, मंत्री चाहिए। जिला पंचायत अध्यक्ष खुशाल सिंह अधिकारी की दावेदारी के बाद से ही माहरा के समर्थक भी क्षेत्र में सक्रिय हो गए हैं। माहरा खुद अपनी बेटी की शादि में दिल्ली में व्यस्त हैं। इस विवाह समारोह के बाद माहरा क्षेत्र की ओर रुख करेंगे।
लोहाघाट विधानसभा सीट से महेंद्र माहरा तीन बार विधायक रह चुके हैं। मुख्यमंत्री हरीश रावत के बेहद करीबी माने जाने वाले माहरा2012 का विधानसभा चुनाव हार गए थे। हार के बाद भी उन्हें राज्यसभा का टिकट मिला। माहरा के इस समय राज्य सभा सदस्य होने का फायदा उठाते हुए ही हाल ही में जिला पंचायत अध्यक्ष खुशाल सिंह अधिकारी ने टिकट के लिए जोड़ तोड़ शुरू किया था।
अधिकारी की सक्रि यता के बाद अब माहरा समर्थक भी खुलकर सामने आ गए हैं। माहरा समर्थकों का कहना है कि बेटी के विवाह के बाद कुछ ही दिनों के भीतर सांसद लोहाघाट क्षेत्र का सघन दौरा करेंगे। इससे पूर्व वे कांग्रेस कार्यकर्ताओं से मंत्रणा करेंगे। सांसद बनने के बावजूद माहरा इस क्षेत्र के प्रति निकटता बनाए हुए हैं। माहरा समर्थकों का कहना है कि जल्द ही मुख्यमंत्री हरीश रावत भी क्षेत्र का दौरा करेंगे।
माना जा रहा है कि इस दौरे के बाद सियासत परवान चढ़ेगी। वैसे उनके समर्थक अभी भी इस बात पर जोर दे रहे हैं कि क्षेत्र को विधायक नहीं, भावी मंत्री चाहिए। बृहस्पतिवार को महेंद्र माहरा की बेटी के विवाह समारोह में मुख्यमंत्री हरीश रावत, स्पीकर गोविंद सिंह कुंजवाल, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष किशोर आदि शामिल हुए।