रामलीला मैदान में हुए होली रंग महोत्सव के दौरान अमर उजाला ने अपराजिता-100 मिलियन स्माइल्स के तहत होल्यारों को नशे से दूर रहने, पूर्वजों की विरासत खड़ी और बैठकी होली के संरक्षण, संवर्धन करने, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिए प्रेरित किया गया। होल्यारों ने पूर्वजों की विरासत को बरकरार रखने का संकल्प लिया। इस दौरान 300 से अधिक होल्यारों और दर्शकों ने अपराजिता मुहिम की सराहना करते हुए इस मुहिम को आगे बढ़ाने में सहयोग करने की बात कही।
रविवार को श्रीराम सेवा सांस्कृतिक रामलीला कमेटी की पहल पर आयोजित कार्यक्रम में रामलीला कमेटी अध्यक्ष जीवन मेहता ने कहा कि काली कुमाऊं में लोहाघाट क्षेत्र की खड़ी होली विशिष्ट स्थान रखती है। इसके संरक्षण और संवर्धन के लिए सभी लोगों को मिलकर प्रयास करना होगा। राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षक नरेश राय ने लोगों को महिलाओं का सम्मान करने और उन्हें हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए शपथ दिलाई। उन्होंने कन्या भ्रूण हत्या, बाल विवाह, दहेज प्रथा को दूर करने के लिए अपने आसपास के लोगों को जागरूक करने पर जोर दिया।
ये लोग रहे मौजूद
नगर पंचायत अध्यक्ष गोविंद वर्मा, मीनू पुनेठा, गीता धौनी, लता वर्मा, कमला पुनेठा, सुधा खर्कवाल, राजेश्वरी जोशी, मोहनी भट्ट, मंजू गड़कोटी, सीता देव, राधा जोशी, हीरा मुरारी, निर्मला अधिकारी, गीता मेहता, सुशीला बोहरा, सरेाज पुनेठा, किरन पंगरिया, रेखा पुजारी, प्रहलाद सिंह मेहता, जीवन मेहता, नरेश राय, मुकेश साह, दीपक सुतेड़ी, आनंद पुजारी, हरीश मेहता, नवीन मुरारी, भूपाल मेहता, दीप जोशी, जगदीश जोशी, डीडी पांडेय, दिनेश सुतेड़ी, सचिन जोशी, अमित साह, पारस जुकरिया, नवीन बोहरा, क्षितिज जुकरिया, पप्पू वर्मा, जगदीश साह, त्रिभुवन कोठारी, संजय फत्र्याल, गणेश खर्कवाल, गोविंद बोहरा, प्रकाश राय, जीवन गहतोड़ी, पंकज वर्मा, अर्जुन ढेक, बाबा आदित्यदास, सतीश मुरारी, जगदीश राय आदि थे।
अधिकतर महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर नहीं हैं। महिलाओं को रोजगार से जोड़ने की दिशा में प्रयास होने चाहिए ताकि महिलाएं सम्मानजनक ढंग से जीवनयापन कर सकें।
लता वर्मा, पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष, लोहाघाट
बेटियों को शिक्षित कर आगे बढ़ाने के लिए परिवार की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। प्रत्येक व्यक्ति को बेटियों को उनका कॅरियर चुनने की स्वतंत्रता देनी चाहिए।
मीनू पुनेठा, पूर्व सभासद, लोहाघाट।
सभी लोगों को महिला सुरक्षा के लिए मिलकर प्रयास करना चाहिए। आए दिन बेटियों के साथ हो रही घटनाओं को देखकर अभिभावक बच्चों को बाहर भेजने में कतरा रहे हैं।
शांति वर्मा, पूर्व नगर अध्यक्ष, भाजपा।
घरेलू हिंसा को रोकने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करने चाहिए। महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार करने वालों को फांसी देने का कड़ा नियम बनाना चाहिए।
सरोज पुनेठा, जिलाध्यक्ष, आशा वर्कर्स यूनियन
बेटियों को भार समझने के बजाय उन्हें बेटों के समान सुख-सुविधाएं उपलब्ध कराने और उन्हें हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए लोगों को आगे आना चाहिए। बेटियां भार नहीं वरन लक्ष्मी होती हैं।
जीवन सिंह मेहता अध्यक्ष, रामलीला कमेटी।