टनकपुर आईटीआई के इसी भवन में चल रही बनबसा आईटीआई की कक्षा।
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जिले के प्रवेश द्वार बनबसा में दो साल पूर्व औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) स्वीकृत हुआ, लेकिन फिर भी यहां के युवा को अपने शहर में तकनीकी पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं। उनकी कक्षाएं 12 किलोमीटर दूर टनकपुर के आईटीआई में चल रही हैं। युवाओं को अपने शहर में आईटीआई खुलने का लाभ नहीं हो रहा है। टनकपुर में भी न तो पर्याप्त पढ़ाने वाले हैं, न ही स्वीकृत तीनों ट्रेड चल पा रहे हैं। वर्तमान में अकेले अनुदेशक भरोसे एकमात्र ट्रेड संचालित हो रहा है।
बनबसा में 2015 में जिले का आठवां औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान खुला। आईटीआई में तीन ट्रेड (मोटर मैकेनिक, फीटर व वेल्डिंग) स्वीकृत हुए। मगर दो साल पूर्व खुला यह संस्थान बनबसा के बजाय टनकपुर में चल रहा है। इसकी वजह बनबसा में किराये का भवन नहीं मिलना है। इसके चलते बनबसा के छात्रों को आईटीआई खुलने के बाद भी पढ़ाई के लिए अपने घर से दूर दौड़ लगानी पड़ रही है।
इस समय टनकपुर में संचालित बनबसा आईटीआई में एकमात्र मोटर मैकेनिक ट्रेड संचालित हो रहा है। इसमें 37 छात्र पढ़ रहे हैं। इनको पढ़ाने के लिए एक अनुदेशक है। अनुदेशक विनोद कुमार का कहना है कि बनबसा आईटीआई के लिए स्वीकृत फीटर और वेल्डिंग ट्रेड स्टाफ और जगह की कमी से संचालित नहीं हो पा रहा है। वहीं छात्रों का कहना है कि उन्हें हर रोज बनबसा से टनकपुर आवाजाही में 24 किलोमीटर दूरी तय करने को मजबूर होना पड़ रहा है।
आईटीआई के लिए चयनित हुई जमीन
टनकपुर के आईटीआई प्रभारी आरएस बिष्ट का कहना है कि बनबसा औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान फिलहाल भवनहीन है। लेकिन संस्थान के लिए जमीन की तलाश पूरी कर ली गई है। बनबसा राजकीय अस्पताल के नजदीक आईटीआई के लिए भूमि चयनित कर ली गई है। बनबसा आईटीआई को टनकपुर स्थित औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के कमरों में मजबूरी में संचालित किया जा रहा है। तमाम प्रयासों के बाद भी बनबसा में किराये का भवन नहीं मिल सका। अलबत्ता जमीन चयनित करने के बाद अब भवन निर्माण की कवायद चल रही है।