दर्जा कैबिनेट मंत्री क्षेत्रीय विधायक हेमेश खर्कवाल के प्रयास से प्रदेश सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में टनकपुर को एक और सौगात दी है। राजकीय महाविद्यालय में कला विषय में स्नातकोत्तर और स्नातक में विज्ञान और कामर्स विषय को मंजूरी दे दी है। नए विषयों के साथ ही नौ असिस्टेंड प्रोफेसर समेत 21 नए पद भी सृजित किए गए हैं।
बृहस्पतिवार को लोनिवि विश्राम गृह में पत्रकारों से वार्ता में दर्जा मंत्री खर्कवाल ने यह जानकारी दी है। 13 मई को जारी शासनादेश का हवाला देते हुए दर्जा मंत्री ने बताया कि स्नातकोत्तर कला संकाय में हिंदी और राजनीतिक शास्त्र के असिस्टेंट प्रोफेसर के पद सृजित किए गए हैं। स्नातक में कामर्स संकाय के लिए भी वाणिज्य विषय के दो असिस्टेंड प्रोफेसर, स्नातक विज्ञान संकाय के लिए जीव विज्ञान, वनस्पति विज्ञान, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान और गणित विषय के एक-एक प्रोफेसर के पद सृजित किए गए हैं। इसके अलावा प्रधान सहायक, असिस्टेंट पुस्तकालयाध्यक्ष के एक-एक, प्रयोगशाला सहायक के दो, कनिष्ठ सहायक और पुस्तकालय सहायक का एक-एक पद सृजित किया गया है। प्रयोगशाला परिचर, अनुसेवक और स्वच्छक व चौकीदार के दो-दो पद सृजित किए गए हैं, जिनकी नियुक्ति आउटसोर्सिंग से होगी।
चार इंटर कालेजों में कामर्स विषय शुरू
टनकपुर। क्षेत्र के राजकीय इंटर कालेज में भी वर्ष 2003 में कामर्स विषय की मंजूरी दर्जा कैबिनेट मंत्री हेमेश खर्कवाल के प्रयास से ही मिली थी। मौजूदा समय में टनकपुर और बनबसा क्षेत्र के चार इंटर कालेजों में कामर्स विषय है। कामर्स के छात्रों को स्नातक की पढ़ाई के लिए लोहाघाट या हल्द्वानी की शरण लेनी पड़ती है।
विज्ञान और कामर्स से बदलेगा शैक्षिक माहौल : हेमेश
-पत्रकार वार्ता में दर्जा मंत्री बोेले आगामी सत्र से इंजीनियरिंग कालेज भी होगा शुरू
टनकपुर (चंपावत)। दर्जा कैबिनेट मंत्री हेमेश खर्कवाल ने कहा है कि कामर्स और विज्ञान विषय की मंजूरी से महाविद्यालय के शैक्षिक महौल में बदलाव आएगा और व्यवसायिक शिक्षा से युवा रोजगार पा सकेंगे। उन्हाेंने कहा कि इंजीनियरिंग कालेज की कक्षाएं भी आने वाले शिक्षा सत्र से शुरू कराए जाएंगी। हजारीबाग में वन विभाग से एक हेक्टेयर भूमि कालेज को हस्तांतरित हो चुकी है। दर्जा मंत्री ने बताया कि टनकपुर-बनबसा में रासायनिक खाद की दुकान के लिए प्रमुख सचिव कृषि रामास्वामी से वार्ता हो चुकी है। 16 मई से खाद की बिक्री शुरू कराई जाएगी। इसके लिए जिलाधिकारी और जिला कृषि अधिकारी को जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने को कहा गया है।