चंपावत पशु अस्पताल में मवेशी का इलाज करते डॉक्टर व अन्य कर्मी।
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कोरोना वायरस (कोविड-19) से निपटने के लिए पशुपालन विभाग के डॉक्टर और पैरा मेडिकल स्टाफ का सहयोग नहीं लिया जाएगा। पशुपालन विभाग के डॉक्टर, फार्मेसिस्ट कोरोना से संबंधित इलाज नहीं करेंगे। ये निर्णय डीएम सुरेंद्र नारायण पांडेय ने सीएमओ से मंत्रणा करने के बाद लिया है।
सीएमओ डॉ. आरपी खंडूरी ने बताया कि पशुपालन विभाग के डॉक्टर व अन्य स्टाफ को कोरोना के उपचार से संबंधित प्रशिक्षण भी नहीं दिया जाएगा। बताया गया कि विभाग पशुओं के इलाज सहित पशुपालन से संबंधित कार्य करेगा। बता दें कि प्रशासन 12 अप्रैल को पशुपालन विभाग की कोरोना के इलाज को लेकर सेवा लेने पर विचार कर रहा था।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. बीएस जंगपांगी ने बताया कि जिले के 14 पशु अस्पतालों में 15 डॉक्टर और 13 फार्मेसिस्ट हैं। इस निर्णय से पशुपालन विभाग गाय, भैंस और अन्य मवेशियों का सहजता से इलाज कर सकेगा। साथ ही कुत्तों सहित आवारा पशुओं के खानपान की व्यवस्था भी पशुपालन विभाग करेगा। इधर चंपावत पशु अस्पताल में रोजाना औसतन 9 पशुओं का इलाज किया जा रहा है। पशु चिकित्सक डॉ. जेपी यादव ने बताया कि ज्यादातर मवेशी मौसमी रोग से पीड़ित हैं।