फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

और बदहाल हुई संयुक्त अस्पताल की हालत  

Wed, 21 Jun 2017 10:53 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो टनकपुर (चंपावत)।
विज्ञापन
संयुक्त अस्पताल टनकपुर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
टनकपुर के संयुक्त अस्पताल की हालत और बदहाल हो गई है। शासन ने डॉक्टरों की कमी से जूझ रहे इस अस्पताल में तैनात तीन डॉक्टरों का और तबादला कर दिया है। अब इस अस्पताल में संविदा डॉक्टर समेत दो डॉक्टर रह गए हैं। शासन की ओर से यहां से स्थानांतरित किए गए डाक्टरों के प्रतिस्थानी की तैनाती नहीं की गई है। जिससे शासन के खिलाफ लोगों में आक्रोश उभर रहा है।  
विज्ञापन



 शासन स्तर से तीन दिन पहले जारी डॉक्टरों की तबादला सूची के अनुसार संयुक्त अस्पताल में तैनात चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एचएस हयांकी को डिप्टी सीएमओ के पद पर पिथौरागढ़ भेजा गया है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. घनश्याम तिवारी को बेड़ीनाग और डॉ. दीपक गहतोड़ी का लोहाघाट स्थानांतरण किया गया है। जिससे डॉक्टरों की कमी से जूझ रहे इस अस्पताल की स्थिति और बदहाल हो गई है। बता दें कि कुछ समय पहले ही शासन द्वारा यहां तैनात स्त्री रोग विशेष सर्जन डॉ. प्रभा जोशी और हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. वीके जोशी का यहां से बागेश्वर तबादला कर दिया था। जिनके स्थान पर प्रतिस्थानी  अभी तक नहीं भेजे जा सके हैं।  

 
इनके प्रतिस्थानी तैनात करने के बजाय शासन से तीन दिन पहले इस अस्पताल में तैनात चिकित्सा अधीक्षक डॉ.एचएस हयांकी, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. घनश्याम तिवारी और डा. दीपक गहतोड़ी का तबादला कर दिया है। जिससे अस्पताल में अब मात्र दो डॉक्टर रह गए हैं।  इनमें एक निश्चेतक और दूसरे संविदा डॉक्टर शामिल हैं। पहले से बदहाली का दौर झेल रहे इस अस्पताल से तीन डाक्टरों का तबादला किए जाने इसकी हालत और पतली हो गई है। वैसे भी इस अस्पताल में चिकित्सा अधीक्षक समेत डॉक्टरों के स्वीकृत 14 पदों में 13 पद रिक्त हैं। डॉक्टरों की कमी से गंभीर रोगियों को हायर सेंटर रेफर करना अस्पताल प्रशासन की मजबूरी बना हुआ है। अस्पताल में महिला चिकित्सक न होने से महिला रोगियों को उपचार के लिए निजी अस्पतालों की शरण लेनी पड़ रही है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें