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और खुला स्वांला अस्पताल का ताला

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चंपावत। टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित स्वांला राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का ताला आखिरकार खुल गया। स्टाफ के अभाव में यहां काफी समय से अस्पताल बंद होने के कारण मरीजों का इलाज नहीं हो पा रहा था।
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स्वांला पीएचसी में पिछले काफी समय से लोगों को इलाज नहीं मिल रहा था। यहां डॉक्टर तो तैनात हैं, लेकिन कोरोना ड्यूटी की वजह से वे दूसरी जगह सेवा दे रहे हैं। जबकि फार्मेसिस्ट का पद खाली हैं। अस्पताल बंद होने के कारण लोगों के समक्ष आ रही समस्या पर आधारित खबर को अमर उजाला के 20 मई के अंक में ‘कोरोना संक्रमण के गढ़ बन रहे गांवों में सुविधाएं न होने से बिगड़ रहे हालात’ शीर्षक से प्रमुखता से प्रकाशित किया था। खबर का संज्ञान लेते हुए सीएमओ डॉ. आरपी खंडूरी ने धौन अस्पताल के फार्मेसिस्ट भूपेश जोशी को स्वांला अस्पताल में इलाज करने के आदेश दिए। शनिवार को फार्मेसिस्ट जोशी ने स्वांला जाकर मरीजों का इलाज किया। वहीं सीएमओ का कहना है कि पहली जून तक स्वांला में फार्मेसिस्ट भेज दिया जाएगा।
जिला अस्पताल मेें संबद्ध हुए सर्जन डॉ. कुमार
चंपावत। पिछले साल नौ सितंबर को जिला अस्पताल से इस्तीफा देने वाले सर्जन डॉ. राहुल कुमार ने अब फिर से अस्पताल में सेवा देना शुरू कर दिया है। बांडधारी सर्जन को स्वास्थ्य महानिदेशक के आदेश के बाद दोबारा मौका दिया गया है। सीएमओ डॉ. आरपी खंडूरी ने बताया कि पिछले सप्ताह डॉ. राहुल कुमार को टनकपुर में तैनाती देते हुए कोविड के मद्देनजर फिलहाल जिला अस्पताल संबद्ध किया गया था। टनकपुर में कार्यभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने जरूरी दस्तावेज जिला अस्पताल में प्रस्तुत किए। जिसके बाद पीएमएस डॉ. आरके जोशी ने उन्हें अस्पताल में तैनाती देने की मंजूरी दी। (संवाद)
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