अमर उजाला की अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स मुहिम के तहत सोमवार को राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय छीनीगोठ में छात्राओं और शिक्षक-शिक्षिकाओं ने अपराजिता का संकल्प लिया। विद्यालय की 65 छात्राओं ने संकल्प पत्र भी भरे। इस दौरान कहा गया कि महिलाओं को स्वयं अपने हक की लड़ाई लड़नी चाहिए।
प्रधानाचार्य छोटे लाल वर्मा की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में नशा मुक्ति अभियान के संयोजक शिक्षक त्रिलोचन जोशी ने कहा कि यत्र नारियास्तु पूजन्ते रमन्ते तत्र देवता के स्लोगन उच्चारित करने वाले देश में आज भी महिलाएं सशक्त नहीं हो पाई हैं।
नारी के बिना सृष्टि का निर्माण असंभव है। आज हमें अपराजिता, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ जैसे अभियान चलाने हो रहे हैं लेकिन यह अभियान तभी रंग लाएंगे जब बेटियां खुद अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहेंगी। नशे के कारण महिलाएं घर में और बाहर प्रताड़ित की जा रही है। महिलाओं को जागरूक किए बिना सारे अभियान बेकार हैं।
उन्होंने छात्राओं को खुद परिवार और समाज में भी नारी सम्मान की भावना विकसित करने की प्रेरणा दी। प्रधानाचार्य वर्मा ने कहा कि आज महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पुरूषों से कमतर नहीं है। उन्होंने छात्राओं से अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और समाज को भी जागरूक करने का आह्वान किया। समाजसेवी आनंद सिंह महर उर्फ अन्नी ने छात्राओं को अपराजिता की शपथ दिलाई।
कार्यक्रम में ये लोग थे मौजूद
कार्यक्रम में आशा वर्मा, रेखा जोशी, पल्लव जोशी, पवन कुमार, अकबर अली, रचित वल्दिया, उमेश भट्ट, राजू बिष्ट, ओमप्रकाश, बची बिष्ट समेत करीब 80 छात्राओं ने प्रतिभाग किया।
ये शपथ दिलाई
नारी गरिमा को अक्षुण्ण रखने और उनके चेहरे पर आत्मविश्वासी मुस्कान के लिए हरसंभव प्रयास करते हुए सतत सक्रिय रहने की मेरी वचनवद्धता है। अपने घर और कार्य स्थल पर पर्व, त्योराहों और सामाजिक, सांस्कृतिक व धार्मिक आयोजनों समेत जीवन के हर आयाम में मैं स्वयं और मेरा परिवार नारी गरिमा के प्रति जिम्मेदारी और संवेदनशीलता से काम करने की शपथ लेते हैं।