जल जीवन मिशन में ग्राम पंचायतों को कार्यदायी संस्था बनाने की मांग को लेकर ज्ञापन देते ग्राम प्रध
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लोहाघाट (चंपावत)। ब्लॉक ग्राम प्रधान संगठन ने जल जीवन मिशन में ग्राम पंचायतों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए गहरी नाराजगी जताई है। आक्रोशित ग्राम प्रधानों ने डीएम को ज्ञापन देकर जल जीवन मिशन के कार्यों को ग्राम पंचायतों के माध्यम से कराने की मांग की है।
ग्राम प्रधानों ने ठेेकेदारी प्रथा के तहत की जा रही टेंडर प्रक्रिया को समाप्त न करने पर 21 सितंबर को सामूहिक इस्तीफा देने की चेतावनी दी है। बुधवार को ब्लॉक अध्यक्ष भुवन भट्ट और महामंत्री शिवराज बोहरा के नेतृत्व में दिए ज्ञापन में कहा गया है कि देश भर में प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना जल जीवन मिशन का कार्य किया जा रहा है। जिसके तहत वर्ष 2022 तक प्रत्येक परिवार के घर तक पेयजल लाइन पहुंचाई जानी है।
जिसमें ग्राम पंचायत की ओर से गांव की कार्ययोजना तैयार करना, समुदाय से पांच फीसदी अंशदान जमा करवाना, 15वें वित्त का अंश योजना में लगाना, मनरेगा के कार्य, योजना का रखरखाव करना है। ग्राम प्रधानों ने कहा कि वर्तमान में जल जीवन मिशन के तहत गांवों में पेयजल योजनाओं का निर्माण स्वजल, जल संस्थान और जल निगम के माध्यम से ठेेकेदारी प्रथा में कराया जा रहा है, जिसका विरोध किया जा रहा है। ज्ञापन देने वालों में किशोर रावत, गणेश बोहरा, महेंद्र बोरा, राजू फर्त्याल, मुकेश रैंसवाल, मोनू बिष्ट, पूरन बोरा, चंद्रकांत तिवारी आदि शामिल रहे।