टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर निर्माणाधीन बारहमासी मार्ग पर मंगलवार को करीब छह घंटे तक वाहनों की आवाजाही ठप रही। बारिश और जगह-जगह मलबा गिरने से आवाजाही करीब दोपहर सवा 12 बजे सुचारु हो सकी। मार्ग बंद होने के चलते टनकपुर की तरफ ककरालीगेट में ही वाहनों को रोक दिया गया। मार्ग बंद होने से रोडवेज की 12 बसों सहित काफी वाहन रास्ते में भी फंसे रहे।
एनएच पर स्थित चल्थी पुल और उसके आसपास काम में तेजी लाने के लिए बेलखेत और चल्थी के बीच लधिया तथा क्वैराला नदी के ऊपर डायवर्जन (अस्थाई मार्ग) बनाया गया था। नदी का जल स्तर बढ़ने से 12 दिन में दूसरी बार ये अस्थायी मार्ग ढह गया। वहीं सोमवार रात को एनएच पर चंपावत-लोहाघाट के बीच तिलौन के पास पेड़ गिरने से तड़के 2.50 बजे से 4 बजे तक मार्ग बाधित रहा।
मंगलवार सुबह करीब 5.47 बजे स्वांला, 6.56 बजे धौन, 8.19 बजे चल्थी और 9.20 बजे टिपनटॉप मार्ग मलबा आने के चलते बंद हो गया। इस वजह से वाहनों को टनकपुर की तरफ ककरालीगेट में रोक दिया गया।
चंपावत बस स्टेशन में भी बसों को रोका गया। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मनोज पांडेय ने बताया कि लधिया और क्वैराला नदी का जल स्तर बढ़ने से चल्थी में बना डायवर्जन ढह गया। इस मार्ग को आवाजाही के लिए बंद कर दिया गया है। जेसीबी मशीन, पोकलैंड से भारी मशक्कत के बाद मलबा हटाया जा सका। टनकपुर-पिथौरागढ़ के बीच आवाजाही सवा 12 बजे पूरी तरह सुचारु हो सकी।
एनएच पर फंसी रही रोडवेज की 12 बसें, तीन लाख का नुकसान
चंपावत/लोहाघाट। निर्माणाधीन बारहमासी मार्ग के बंद होने से मुसाफिरों के साथ रोडवेज को भी झटका लगा है। रोडवेज को बीते दो दिनों में तीन लाख रुपये का नुकसान झेलना पड़ा है। छह घंटे से अधिक वक्त तक परिवहन निगम की 12 बसें टनकपुर-चंपावत के बीच अलग-अलग जगहों पर फंसी रही। मैदानी क्षेत्रों को जाने वाली बसों को चंपावत बस स्टेशन पर कुछ घंटों के लिए रोका गया।
रोडवेज ने दो बसों को देवीधुरा होते हुए आगे भेजा। लोहाघाट के वरिष्ठ स्टेशन प्रभारी भुवन चंद्र आर्या ने बताया कि लोहाघाट की 12 बसें टनकपुर-चंपावत के बीच रास्ते में घंटों फंसी रहीं। इनमें से चार बसों को टनकपुर से मैदानी क्षेत्रों को भेज दिया गया। छह बसों को वापस लोहाघाट भेजा गया। बीते दो दिनों में रोडवेज को करीब 3 लाख रुपये की आय प्रभावित हुई है।
बारहमासी मार्ग पर रोडवेज के लोहाघाट डिपो की छह घंटे तक फंसी बसें:
दिल्ली की 4 बसें।
देहरादून की 3 बसें।
गुड़गांव, ऋषिकेश, बरेली, नैनीताल और हल्द्वानी की एक-एक बसें।
देवीधुरा होते हुए गई रोडवेज की लोहाघाट डिपो की बसें:
नैनीताल:1 बस।
देहरादून:1 बस।
टनकपुर होते हुए मैदानी क्षेत्र में भेजी गई लोहाघाट डिपो की बसें:
दिल्ली:2 बसें।
ऋषिकेश और देहरादून: एक-एक बस।
चंपावत जिले में बारिश का आकड़ा:
चंपावत: 4 मिलीमीटर
लोहाघाट: 4.50 मिलीमीटर
पाटी: 10 मिलीमीटर
बनबसा: 21 मिलीमीटर
निर्माणाधीन बारहमासी मार्ग में क्षतिग्रस्त चल्थी का डायवर्जन रूट।- फोटो : CHAMPAWAT