चंपावत। जिले के कोट अमोड़ी ग्राम पंचायत के लोगों को आजादी के सात दशक बाद सड़क की सुविधा की सौगात मिलने जा रही है। इसके लिए लोक निमार्ण विभाग के प्रांतीय खंड की ओर से सर्वे कार्य पूरा कर लिया गया है।
सड़क की सुविधा के अभाव में ग्रामीणों को पांच किमी की खड़ी चढ़ाई तय करने के बाद गांव पहुंचना पड़ता है। इस समस्या से निजात पाने के लिए क्षेत्र के ग्रामीण लंबे समय से गांव को सड़क से जोड़ने की मांग उठा रहे थे। इधर, राज्य योजना से स्वीकृत चौड़ाखोला से सदर्का तक करीब आठ किमी लंबी सड़क का निर्माण होने से ग्रामीणों को काफी सहूलियत हो जाएगी।
लोनिवि के ईई विभोर गुप्ता ने बताया कि प्रस्तावित सड़क की सर्वे रिपोर्ट को भूगर्भीय जांच के लिए सर्किल कार्यालय भेजा गया है। इसके बाद राजस्व और वन विभाग की टीम के संयुक्त निरीक्षण कर डीपीआर मंजूरी के लिए शासन स्तर पर भेजी जाएगी। शासन से स्वीकृति मिलने के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। जल्द ही कोट अमोड़ी ग्राम पंचायत सड़क सुविधा से जुड़ जाएगा।
सड़क के अभाव में आधा गांव हो चुका है खाली
चंपावत। कोट अमोड़ी ग्राम पंचायत के तहत कोट अमोड़ी, लेक अमोड़ी, सदर्का, जैरका सहित अन्य गांव आते हैं। सड़क की सुविधा के अभाव में आधे गांव के लोग पलायन कर चुके हैं। गांव के लोगों को सबसे बड़ी समस्या तब आती है जब कोई व्यक्ति बीमार हो जाता है। उसे कठिन रास्तों से होते हुए पांच किमी घने जंगलों से होते हुए जाना होता है। समय से उचित इलाज न मिलने के कारण अधिकांश लोगों की मौत हो जाती है। संवाद
दो हजार से अधिक की आबादी को मिलेगा लाभ
चंपावत। सड़क बनने से कोट अमोड़ी गांव की दो हजार से अधिक आबादी को लाभ मिलेगा। क्षेत्र के अधिकांश लोग अभी भी रोजमर्रा के कार्य के लिए पांच किमी चलने के बाद अमोड़ी बाजार पहुंचते हैं। साथ ही स्कूल के बच्चों को भी रोज पांच किमी दूर पैदल जाना पड़ता है। इस कारण गांव के लोगों का अधिकांश समय तो आने जाने में ही बर्बाद हो जाता है। अब सड़क बनने से कोट अमोड़ी, लेक अमोड़ी, सदर्का, जैरका सहित अन्य गांवों के लगभग दो हजार से अधिक आबादी को इसका फायदा मिलेगा। संवाद
कोट अमोड़ी गांव के लिए सड़क का सर्वे कार्य पूरा कर लिया गया है। आठ किमी सड़क के लिए 22 जुलाई से सर्वे कार्य शुरू किया गया था जो 25 जुलाई को पूरा हो गया। सर्वे के बाद अब भूगर्भीय जांच के उपरांत डीपीआर तैयार की जाएगी।
- हेम चंद्र पुनेठा, अपर सहायक अभियंता, लोनिवि, चंपावत।