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मलबे में एंबुलेंस फंसी, मरीज की सांसें अटकीं

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पिथौरागढ़/चंपावत। चंपावत में भारी बारिश होने पर मलबा आने के कारण टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) पर साढ़े चार घंटे से अधिक समय तक मंगलवार को आवाजाही ठप रही। करीब एक घंटे तक झूलाघाट से बीमार को लेकर हल्द्वानी जा रही एंबुलेंस भी फंसी रही। बारिश के कारण पिथौरागढ़ में 15 सड़कें और चंपावत में 05 सड़कें बंद हैं।
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सोमवार रात और मंगलवार को हुई बारिश से एनएच दो बार बंद हुआ। पहली बार अमोड़ी और स्वांला के बीच सुबह चार बजे मलबा आने से आवाजाही ठप रही। मलबा हटने के बाद सुबह साढ़े सात बजे आवाजाही शुरू हो सकी। दूसरी बार शाम सवा चार बजे मलबे ने रास्ता रोका। इस वजह से वाहनों के अलावा एक एंबुलेंस भी फंसी रही। सांस की बीमारी से परेशान झूलाघाट के भानु राम (75) को लेकर हल्द्वानी जा रही एंबुलेंस स्वांला के पास करीब एक घंटे तक फंसी रही। बाद में मलबा हटने पर पौने पांच बजे एंबुलेंस आगे बढ़ी। इधर, डेढ़ घंटे बाद पुनाबे-सिप्टी सड़क आवाजाही के लिए सुचारु हो सकी। संवाद
चंपावत जिले की बंद ग्रामीण सड़कें
धौन-सल्ली, खटोली मल्ली-वैला, बलोटा-पासम, चल्थी-नौलापानी और धौन-दियूरी-बजौन।
पिथौरागढ़ जिले की बंद ग्रामीण सड़कें
मंसूरी-कांडा-होकरा, गिन्नी बैंड समकोट, आदिचौरा-सिन्नी, बांसबगड़-कोटा-पंद्रहपाला, बांसबगड़-धामीगांव, छिरकिला-जम्कू, मदकोट-तोमिक, बैराज-बोगाड़-जुब्बर, सानदेव-तुर्गोली, डीडीहाट-पमस्यारी, आदिचौरा-हुनेरा, देवीसूना-खेतार कन्याल, नाघर-भुलागांव, घट्टाबगड़-लिपुलेख, जौलजीबी-बंगापानी-मदकोट-मुनस्यारी सड़क।
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गोरीपार-जौलढूूंगा सड़क पर सफर हुआ मुश्किल
मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। मदकोट-गोरीपार जौलढूंगा को जोड़ने वाली सड़क पर यातायात बेहद मुश्किल हो गया है। वाहन स्वामी और ग्रामीण जान हथेली पर रखकर आवाजाही कर रहे हैं। ग्रामीणों ने लोनिवि से सड़क को ठीक करने की मांग की है। साथ ही सड़क ठीक नहीं करने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। संवाद
लोनिवि की दीवार गिरने से जीप क्षतिग्रस्त
थल (पिथौरागढ़)। बारिश से थल के टोल टैक्स के पास लोनिवि के अवर अभियंता आवास की सुरक्षा दीवार भरभरा कर गिर गई। इससे उसके नीचे खड़ी जीप का दरवाजा क्षतिग्रस्त हो गया। लोनिवि ने लगभग एक साल पहले सुरक्षा दीवार का निर्माण किया था। दीवार गिरने से वाहन स्वामी को नुकसान हुआ है। लोग दीवार की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठा रहे हैं। संवाद
चंपावत जिले का बारिश का आंकड़ा (मिमी में)
चंपावत: 45
लोहाघाट: 10
पाटी: 10.50
बनबसा: 2
खतरों के बीच नदी पार करने को मजबूर छात्राएं
पाटी (चंपावत)। पाटी की सेरा नदी बरसात में उफनाई है। इस कारण गरसाड़ी जीआईसी जाने के लिए छात्र-छात्राएं जोखिम के बीच आवाजाही करने को मजबूर हैं। यह समस्या यहां का पुल टूटने की वजह से बनी हुई है। वहीं चार गांवों के ग्रामीणों को भी इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।
पाटी में सेरा नदी पर नौ किमी लंबा पैदल पुल पिछले साल अक्तूबर की भारी बारिश में टूट गया था। नौ महीने बीतने के बाद भी पुल का निर्माण नहीं हो सका। ग्रामीणों का कहना है कि पैदल पुल नहीं बनने से गांव के लोगों को दिक्कत हो रही है लेकिन सबसे ज्यादा दुश्वारी झलकपुर, कनारी, भूमाड़ी, छोड़ागाव आदि क्षेत्रों के स्कूल जाने वाले बच्चों को हो रही है। छात्र-छात्राओं को यहां से दस किमी दूर गरसाड़ी जीआईसी जाने के लिए बरसात में नदी पार करनी पड़ रही है। अधिक बारिश होने पर कई बार बच्चे पुल के अभाव में स्कूल नहीं जा पाते। वहीं जिला पंचायत के एएमए भगवत पाटनी का कहना है कि पुल को शीघ्र बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर मलबा आने से स्वांला के पास एक घंटे तक फंसी एंबुलेंस। संव?- फोटो : CHAMPAWAT

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