लोहाघाट का वर्तमान में चल रहा केंद्रीय स्कूल।
- फोटो : AMAR UJALA
अमर उजाला ब्यूरो, चंपावत। मौजूदा शिक्षा सत्र से मंजूर चंपावत के केंद्रीय विद्यालय में फिलहाल प्रवेश लटक गए हैं। कोरोना वायरस के चलते ये नौबत आई है। सीबीएसई बोर्ड ने दाखिले को अभी न करने के आदेश जारी किए हैं। इस कारण चंपावत केंद्रीय विद्यालय में 15 मई से पांचवीं कक्षा तक होने वाले प्रवेश को टाल दिया गया है। नोडल अधिकारी व लोहाघाट केंद्रीय विद्यालय के प्राचार्य बीडी ओली ने बताया कि पांचवीं कक्षा तक के ऑफलाइन प्रवेश के लिए तिथि की जानकारी बाद में दी जाएगी। मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में 7 मार्च 2019 को हुई अंतिम कैबिनेट की बैठक में कई अन्य फैसलों के साथ चंपावत में केंद्रीय विद्यालय खोले जाने का निर्णय लिया गया था। विद्यालय को 2019-20 के शिक्षा सत्र से ही चलना था। लेकिन जमीन नहीं मिलने से तब इसे नहीं खोला जा सका था। अलबत्ता इस सत्र से कक्षाएं शुरू हो जाएंगी। केवि के चंपावत में शुरू होने से एससएबी, फौज और अन्य केंद्रीय कार्मिकों के बच्चों को गुणवत्तायुक्त शिक्षा मिल सकेगी। अभी इन केंद्रीय विभागों के कर्मियों के बच्चे दूसरे प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाई कर रहे हैं।
--:: लोहाघाट केवि भवन निर्माण को मिले 52 करोड़ :: लोहाघाट (चंपावत)। चंपावत में खुलने वाला केवि जिले का चौथा विद्यालय होगा। इससे पूर्व बनबसा केवि वन, बनबसा केवि टू और लोहाघाट में ये स्कूल खुल चुके हैं। 1982 में खुले कमलपथ और 1983 में खुले बनबसा की व्यवस्थाएं बेहतर हैं। मगर 2004 से संचालित लोहाघाट केवि की स्थिति अच्छी नहीं है। पहली से इंटर तक 431 छात्रों वाला यह कॉलेज फिलहाल जिला पंचायत भवन के कमरों में चल रहा है। जगह की कमी से इंटर में मात्र विज्ञान संकाय है। पुस्तकालय, प्रयोगशाला और कंप्यूटर की कक्षाओं के संचालन में भी परेशानी हो रही है। प्राचार्य बीडी ओली का कहना है कि लोहाघाट में छमनियां में 52 करोड़ रुपये से केंद्रीय लोक निर्माण विभाग भवन निर्माण करा रहा है।