जिला सभागार में आयोजित बैठक में डीएम डॉ. अहमद इकबाल ने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के घटक जलागम विकास और समेकित जलागम प्रबंधन कार्यक्रम के अंतिम चरण में किए गए कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने योजना के अंतर्गत वर्षा आधारित सूक्ष्म जलागम क्षेत्रों में ग्रामीणों की आय को बढ़ाने के लिए निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष शत प्रतिशत उपलब्धि प्राप्त न करने पर नाराजगी जताई। चेतावनी दी कि वर्ष के अंतिम माह तक योजना पूर्ण न होने पर कड़ी कार्रवाई किए जाने साथ कार्यों का तीसरे पक्ष से सत्यापन कराया जाएगा। योजना के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में डीएम ने जलागम की योजनाओं के कार्यों की प्रगति रिपोर्ट भी तलब की है। उन्होंने योजना के अंतिम वर्ष में अभी तक कार्यों के 42 प्रतिशत अपलोड होने को नाकाफी बताते हुए पूर्ण कार्यों को अपलोड करने के निर्देश दिए। मुख्य कृषि अधिकारी आरएल चंद्रवाल ने बताया कि जलागम के प्रथम चरण से लेकर चतुर्थ चरण में सभी कार्य पूर्ण कर लिए गए हैं। जिनका एमआईएस में अपलोड होना बाकी है, जिस पर डीएम ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कार्यों को तत्काल एमआईएस में जीओ टैग करने के निर्देश दिए।
मुख्य कृषि अधिकारी ने बताया कि योजना की अवधि में 2011 से अब तक लगभग 6649 व्यक्तियों को प्रशिक्षित किया गया है। डीएम ने प्रशिक्षण के फोटो और वीडियो उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बैठक में एडीएम हेमंत कुमार वर्मा, जिला उद्यान अधिकारी हरीश तिवारी, भूमि संरक्षण अधिकारी हरवंश सिंह, लोनिवि एई श्रवण कुमार दीक्षित, उप परियोजना निदेशक मोहन सिंह कुंवर, डॉ.एमसी जोशी, लघु सिंचाई के ईई विमल कुमार सूंठा आदि उपस्थित थे।