चंपावत। ग्राम पंचायत तरकुली में प्रधान पद पर हुए चुनाव में जिसे प्रत्याशी ने जीत दर्ज की है। उसे जबरन जीत का प्रमाणपत्र देने का आरोप लगाया गया है। कहा गया है कि जिसे विजयी घोषित किया गया है, वह प्रत्याशी पराजित हुआ था। प्रधान पद पर विजयी काजल बिष्ट के प्रतिद्वंद्वी रहे सुमित सिंह बिष्ट का कहना है कि मुझे 106 और काजल बिष्ट को 103 मत मिले थे। निर्वाचन अधिकारी ने काजल बिष्ट के 106 मत बताकर उसे विजयी घोषित कर प्रमाणपत्र दे दिया। सुमित का कहना है कि उन्होंने रिकाउंटिंग के लिए अनुरोध पत्र दिया लेकिन रिकाउंटिंग नहीं कराई गई। पंचायत सभागार में मतगणना के दिन प्रत्याशी सुमित सिंह और काजल बिष्ट के पति भुवन सिंह बिष्ट और एजेंटों के सामने 215 मतों की गिनती चल रही थी। प्रत्याशी सुमित सिंह का दावा है मतगणना कर्मिक ने बताया कि अनानास पर 106 मत और अनाज की बालियां पर 103 मित पड़े हैं। यह सुनकर काजल के पति भी सुमित को बधाई देकर चले गए। उनके साथियों ने उन्हें बधाई भी दी।
सुमित का दावा है कि उनका नाम भी माइक से पुकारा गया, लेकिन शाम को काजल बिष्ट को जीत का प्रमाणपत्र दिया गया। सुमित का आरोप है कि रिकाउंटिंग का प्रार्थना पत्र देने के बाद भी घंटों इंतजार के बाद कुछ नहीं हुआ। उन्होंने दोबारा रिकाउंटिंग कराने की मांग की है। आरओ डी कुमार ने बताया कि मतगणना टेबल से निर्धारित परिशिष्ट में प्रत्याशियों को मिलने वाले मतों की पूरी जानकारी लिखित में आती है। इसके बाद ही विजय प्रत्याशियों के जीत की घोषणा की जाती है और आयोग की वेबसाइट में डाला जाता है। अगर उन्हें लगता है कि गलत हुआ तो वह सक्षम अधिकारी के सामने पत्र देकर अपील कर सकते हैं। इसके बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी।
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जीते प्रत्याशी को डराने का आरोप
विजय प्रत्याशी काजल बिष्ट के पति भुवन सिंह बिष्ट का आरोप है कि जीत के बाद किसी नंबर से एक कॉल आई और उन्हें धमकाया गया। धमकाने वाला कौन है उन्हें नहीं पता। फोन करने वाले ने उन्हें जान से मारने और देख लेने की धमकी दी। इसके बाद पूरा परिवार डर गया। चुनाव आयोग की वेबसाइट और प्रमाणपत्र जारी होने के बाद भी वह खुद का जीता हुआ नहीं मान पा रहे हैं।
कई प्रत्याशियों ने लगाया आरोप
चंपावत। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में राजनेताओं से लेकर आम लोगों का आरोप है कि मतगणना के दौरान उन्हें विजयी बताया गया लेकिन जीत का प्रमाणपत्र हारे हुए प्रत्याशी को थमा दिया गया। इसमें पूर्व ब्लॉक प्रमुख विनीत फर्त्याल और पूर्व जिला भाजपा महामंत्री मुकेश खलकुड़िया ने भी हार के लिए संगठन पर आरोप लगाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था। इसके अलावा बनबसा के भजनपुर से बीडीसी सदस्य ने भी इस तरह के आरोप लगाए थे। चंपावत जिले में हुए त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में कई प्रत्याशी इसी तरह के आरोप लगा रहे हैं।