पंजाब नेशनल बैंक से लोन दिलाकर लोगों के साथ की गई धोखाधड़ी के मामले में वांछित मुख्य आरोपी डेढ़ साल बाद पुलिस के हत्थे चढ़ा है। उसे गिरफ्तार कर पुलिस ने न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी के समक्ष पेश किया। कोर्ट ने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। मामले में तत्कालीन बैंक मैनेजर समेत छह लोग वांछित हैं। बैंक मैनेजर हाईकोर्ट से जमानत पर है, जबकि अन्य चार वांछितों को नोटिस तामिल कराए गए हैं।
पंजाब नेशनल बैंक की स्थानीय शाखा में लोगों को लोन दिलाकर करीब 62 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला उजागर हुआ था। आरोप है कि आदर्श कॉलोनी खटीमा ऊधम सिंह नगर निवासी सुदर्शन कुमार नामक बिचौलिए ने वर्ष 2014 में दर्जनों लोगों को विभिन्न योजनाओं के तहत बैंक से लोन दिलाकर कथित तौर पर लोन की धनराशि लाभार्थियों को न देकर खुद हड़प ली। बाद में जब लोन की किश्त जमा करने के लिए लोगों को बैंक से नोटिस जारी हुए तो धोखाधड़ी के इस मामले का खुलासा हुआ। करीब 60 से 70 लोग धोखाधड़ी के शिकार हुए, जिसमें अधिकांश अनपढ़ महिलाएं शामिल हैं।
बैंक से नोटिस मिलने पर धोखाधड़ी का शिकार हुए बैंक के कर्जदारों ने पुलिस और बैंक अधिकारियों से मामले की शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। बाद में लाल ईमली पड़ाव निवासी देवकी देवी पत्नी हयात राम ने 19 फरवरी 2015 को कोतवाली में बैंक प्रतिनिधि सुदर्शन कुमार और तत्कालीन शाखा प्रबंधक शिव सिंह के अलावा वार्ड छह खटीमा निवासी विपिन कुमार, पूर्णागिरि विहार टनकपुर निवासी नवलराज, बैंक शाखा प्रबंधक महेश मर्तोलिया, वार्ड संख्या 4 टनकपुर निवासी अमित कुमार के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 471 और 120 बी के तहत मुकदमा दर्ज कराया।
कोतवाल वीसी शर्मा ने बताया कि तत्कालीन शाखा प्रबंधक शिव सिंह हाईकोर्ट से जमानत कराई है, जबकि मुख्य आरोपी सुदर्शन कुमार डेढ़ साल से फरार था। उन्होंने बताया कि सोमवार शाम आरोपी सुदर्शन इस मामले में वकील से मिलने यहां आया था, जिसे सूचना मिलने पर गिरफ्तार कर लिया गया।
हाईकोर्ट ने लोन वसूली पर लगाई रोक
पंजाब नेशनल बैंक से लोन दिलाकर धोखाधड़ी के इस मामले में किश्त जमा न करने पर बैंक ने धोखाधड़ी के शिकार हुए कर्जदारों से वसूली के लिए आरसी तक काटी है, जिसके खिलाफ दस कर्जदारों ने नैनीताल हाईकोर्ट में याचिका दायर की और कोर्ट ने वसूली पर फिलहाल रोक लगा दी है।
लोन दिलाकर लोगों के साथ धोखाधड़ी करने वाले आरोपी सुदर्शन कुमार का बैंक से न तो तब कोई ताल्लुक था और न अब कोई ताल्लुक है। लोगों के साथ उसने धोखाधड़ी की है तो यह उसने बिचौलिया बनकर की होगी। -अर्जुन रावत, शाखा प्रबंधक, पंजाब नेशनल बैंक, टनकपुर।