टनकपुर (चंपावत)। श्यामलाताल के पास पहाड़ी से भू-स्खलन होने से बाटनागाड़ में भारी मलबा आने के मामले में शासन ने पहाड़ी के ट्रीटमेंट की कवायद शुरू कर दी है। देहरादून से आए भू-वैज्ञानिकों के दल ने जिला भू-वैज्ञानिक और राजस्व, सिंचाई व वन विभाग के अधिकारियों के साथ क्षेत्र का अध्ययन किया। टीम ने भू-स्खलन के मुख्य स्थान से सैंपल एकत्र किए। एसडीएम आकाश जोशी ने बताया कि भू-वैज्ञानिकों की टीम जल्द ही रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंपेगी। इसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बाटनागाड़ में श्यामलाताल के पास हर वर्ष मानसून काल में पहाड़ी दरकती है और रोड बंद हो जाती है। इस बार भी बीते दिनों भी बरसात में बाटनागाड़ में भारी मलबा आने से तीन दिनों तक पूर्णागिरि मार्ग बंद रहा। अभी भी बरसात में भूस्खलन होने की आशंका बनी हुई है। एसडीएम ने बताया कि मंगलवार सुबह जिला भू-वैज्ञानिक हरीश सिंह के साथ देहरादून से आए वरिष्ठ भू-वैज्ञानिक जोगेंद्र सिंह, भू-वैज्ञानिक सोनाली के साथ भूस्खलन रोकने के लिए चर्चा की गई।
इसके बाद भू-वैज्ञानिकों का दल राजस्व, सिंचाई आदि के अधिकारियों की टीम के साथ श्यामलाताल क्षेत्र से सटी पहाड़ी में भूस्खलन के लिए संवेदनशील क्षेत्र का अध्ययन करने पहुंचा। टीम ने क्षेत्र का जायजा लिया। अब टीम जल्द ही अपनी रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंपेगी।