फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नायला गांव में नौले के पानी पर आश्रित है 250 की आबादी

विज्ञापन
चंपावत जिले के नायला में नौले में पानी भरने के लिए लगी भीड़। - फोटो : CHAMPAWAT
विज्ञापन
चंपावत। गर्मी के मौसम अभी शुरू नहीं हुआ है चंपावत जिले के कई ग्रामीण अंचलों में पेयजल संकट गहराने लगा है। पानी के संकट से जूझ रहे हैं, इन गांवों में अधिकतर गांव ऐसे हैं जहां पेयजल महकमे की लापरवाही के कारण यह समस्या बनी है। इन्हीं गांवों में धौन से करीब दो किमी आगे बसा नायला गांव भी शामिल है। पांच साल पहले क्षतिग्रस्त इस गांव की पेयजल योजना को जल संस्थान ठीक नहीं कर पाया है। इस गांव में रह रहे करीब 35 परिवार तब से गांव में स्थित एक नौले से प्यास बुझा रहे हैं।
विज्ञापन

करीब ढाई सौ आबादी वाले इस गांव में रविवार को स्कूली बच्चों का अवकाश होने के कारण पानी के नौले और गांव एक अन्य स्रोत में सुबह नौ बजे ही पानी खत्म हो जाता है। ऐसे मेेें ग्रामीणों को पानी के लिए कई किमी दूर गधेरों से पानी लाना पड़ता है। इन दिनों इन गर्मी से इन स्रोतों में पानी काफी कम हो गया है। इसके चलते यहां सुबह पानी के लिए लाइन लगनी शुरू हो जाती है। ग्रामीण बलदेव भट्ट, हेम चंद्र, प्रकाश चंद्र आदि ने बताया कि इस गांव के लिए बनी पेयजल योजना पांच साल पहले क्षतिग्रस्त हो गई थी। कई बार मांग उठाने के बाद भी इसे ठीक नहीं किया गया जा सका है। वह विधायक कैलाश गहतोड़ी सहित अन्य जनप्रतिनिधियों और विभागीय अधिकारियों को जानकारी दे चुके हैं। इसके बाद भी कोई कार्यवाही नहीं हो पाई है।
दो किमी दूर से पानी ढो रहे हैं लेक अमोड़ी गांव के लोग
चंपावत। चंपावत जिले के लेक अमोड़ी गांव के लोग भी पेयजल संकट से परेशान है। इस गांव में रह रहे 15 से अधिक परिवार दो किमी दूर से पानी ला रहे हैं। ग्रामीण अर्जुन राम, कांतिबल्लभ, दिनेश चंद्र, कमल चंद्र आदि ने कहा कि पेयजल समस्या के कारण यहां के कई परिवार पलायन कर चुके हैं।
विज्ञापन

कोट..........
नायला और लेक अमोड़ी गांव को पेयजल मिशन योजना के हर घर नल अभियान के तहत पेयजल सुविधा से जोड़ा जाएगा। इस बार पर्याप्त बारिश न होने के कारण पेयजल स्रोतों में पानी कम होने लगा है। इस कारण यह स्थितियां बनी हैं। क्षतिग्रस्त पेयजल योजनाओं को ठीक करने का प्रयास किया जाएगा।
विज्ञापन

- परमानंद पुनेठा, एएई, जल संस्थान।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें