टनकपुर (चंपावत)। भारत-नेपाल सीमा पर तीन ओर से नेपाल से घिरे थपलियाखेड़ा गांव के नजदीक बरसाती नाले के कटाव से बॉर्डर पर स्थापित एक पिलर को क्षति होने का खतरा उत्पन्न हो गया है। एसएसबी के तैनात अधिकारी ने प्रशासन को पत्र भेजकर जानकारी दे दी है। एसडीएम आकाश जोशी ने सिंचाई विभाग को निरीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए हैं।
भारत-नेपाल सीमा खुली है। दोनों देशों की सीमा निर्धारण के लिए बॉर्डर पर पिलर लगे हैं। सीमा में बरसात के समय पानी का उफान रहता है। एसएसबी के बूम एफ समवाय के प्रभारी सहायक कमांडेंट संतोष कुमार ने करीब एक महीने पूर्व एसडीएम, एसडीओ वन और वन क्षेत्राधिकारी शारदा रेंज को पत्र भेजा था। इसमें बताया गया है कि नेपाल सीमा पर सीमा स्तंभ संख्या 809/1 थपलियालखेड़ा गांव के नजदीक नेपाल से आने वाले बरसाती नाले के कारण भूमि कटाव बढ़ता जा रहा है।
इस कारण भारतीय भूभाग की तरफ कटाव हो रहा है जिससे आने वाले समय में सीमा स्तंभ संख्या 809/1 को क्षति पहुंचने की आशंका है। प्रभारी सहायक कमांडेंट ने प्रशासन से बचाव के लिए जाली और पत्थर से करीब 100 मीटर लंबा तटबंध बनाने की अपील की है। एसडीएम ने बताया कि सिंंचाई विभाग को जरूरी कदम उठाने के लिए निर्देशित किया गया है। संवाद