लोहाघाट (चंपावत)। बाराकोट ब्लाॅक के च्यूरानी ग्राम सभा के धरगड़ा तोक में तेंदुए ने शौच के लिए गए एक व्यक्ति को मौत के घाट उतार दिया। घटना की सूचना मिलने के बाद क्षेत्र में दहशत है। ग्रामीणों ने वन विभाग से तेंदुए को आदमखोर घोषित कर उसे मारने की मांग की है। बता दें कि लोहाघाट क्षेत्र में तेंदुए के ग्रामीण को मारने की यह दूसरी घटना है।
जानकारी के अनुसार मंगलवार सुबह करीब छह बजे ग्रामीण देव सिंह अधिकारी (45) पुत्र कल्याण सिंह अधिकारी शौच के लिए घर के पास शौचालय गए थे। जब काफी देर तक वह नहीं लौटे तो उनकी पत्नी आंगन में आई। आंगन में उन्हें खून नजर आया। उनके शोर मचाने पर अन्य लोग भी आ गए। वह खून के छींटों का पीछा करते हुए आगे बढ़ी तो घर से करीब 100 मीटर दूर जंगल के पास देव सिंह का खून से लथपथ शव मिला। तेंदुए ने देव सिंह के गले को बुरी तरह से नोचा था। सूचना मिलने पर बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर एकत्र हो गए। उन्हाेंने घटना की सूचना वन विभाग और प्रशासन को दी।
सूचना मिलने के बाद एसडीएम चंपावत अनुराग आर्य, उप प्रभागीय वनाधिकारी सुनील कुमार, काली कुमाऊं वन क्षेत्र के रेंजर राजेश कुमार जोशी आदि मौके पर पहुंचे। फिलहाल वन विभाग ने क्षेत्र के लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। क्षेत्र में पिंजरा लगा दिया है। वन विभाग की गश्त की जा रही है।
आयुष अस्पताल में किया पोस्टमार्टम
मृतक के शव का ओखलंज स्थित आयुष अस्पताल में बाराकोट के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. मंजीत सिंह ने पोस्ट मार्टम किया। दोपहर बाद मृतक का रामेश्वर घाट में अंतिम संस्कार किया गया। सूचना पर डीएम मनीष कुमार, एसडीएम नीतू डांगर ने गावं में पहुंचकर दुर्घटना में दुख जताते हुए पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया। डीएम ने वन विभाग को तत्काल तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने के साथ क्षेत्र में गश्त कर ग्रामीणों को सुरक्षा प्रदान करने के निर्देश दिए। मृतक के परिजनों को वन विभाग की ओर से राहत राशि का चेक दिया गया। इधर, विधायक खुशाल सिंह अधिकारी ने घटना पर दुख जताते हुए पीड़ित परिवार को हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया है।
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सोमवार से ही मृतक के घर के आसपास घूम रहा था तेंदुआ
सोमवार आठ दिसंबर की शाम से ही तेंदुआ देव सिंह के लिए काल बनकर उसके घर के आसपास घूमने लगा था। ग्रामीणों ने बताया कि सोमवार की शाम को मृतक देव सिंह की पत्नी ऊषा देवी को घर के पास तेंदुआ दिखाई दिया था। उस पर भी हमले का प्रयास किया था। मृतक अपने पीछे पुत्र दीपांशु (9) और प्रियांशु (10) को छोड़ गए हैं। वह जल संस्थान की पेयजल योजना में पीटीसी का काम कर अपने परिवार का गुजारा करता था।
एक माह के भीतर लोगों को मारा
एक माह के भीतर तेंदुए ने दो लोगों को मौत के घाट उतार दिया है। पूर्व में 11 नवंबर को लोहाघाट रेंज के मंगोली गांव में तेंदुए ने भुवन राम (45) को मौत के घाट उतार दिया था। अब ताजा वारदात में धरगड़ा के ग्रामीण को तेंदुए ने शिकार बनाए जाने के बाद लोग खौफ में है।
च्यूरानी में डेढ़ माह से तेंदुए का आतंक
च्यूरानी क्षेत्र में करीब डेढ़ माह पूर्व भी तेंदुए का आतंक था। तेंदुए ने घर के पास खेत में काम कर रही तनुजा अधिकारी पर हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया था। तेंदुए ने तनुजा पर झपट्टा मारा जिससे उसकी पीट में नाखून चुभाए थे, लेकिन वह बच गई। इसके बाद वन विभाग ने पिंजरा लगाकर हमलावर तेंदुए को पकड़कर रेस्क्यू सेंटर अल्मोड़ा भेज दिया था।
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क्षेत्र में आमदखोर तेंदुए का आतंक दिनों-दिन बढ़ता जा रहा है। तेंदुए की दहशत से लोग गांवों से पलायन करते जा रहे हैं। या तो आदमखोर तेंदुए को पकड़ा जाए या इसे मारने के आदेश दिए जाए। - विनोद सिंह अधिकारी, ग्राम प्रधान च्यूरानी
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घटना स्थल के पांच किमी के दायरे में जीजीआईसी काकड़, जीआईसी बाराकोट, एलीट चिल्ड्रन स्कूल के बच्चे इस मार्ग से आवाजाही करते हैं। पूरा रास्ता विरान है। ऐसे में तेंदुए के कारण उनके लिए खतरा है। प्रशासन को तत्काल तेंदुए को मारने का आदेश देने चाहिए। पीड़ित की पत्नी को परिवार के भरण-पोषण के लिए पास के आयुष अस्पताल में संविदा में नियुक्ति दी जानी चाहिए। - राजू अधिकारी, पूर्व ग्राम प्रधान बाराकोट
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बाराकोट ब्लाॅक के धरगड़ा में तेंदुए के ग्रामीण देव सिंह को मारने की घटना की जानकारी वन मंत्री सुबोध उनियाल को फोन से दे दी है। जल्दी ही इस तेंदुए को नरभक्षी घोषित कर गोली मारने के आदेश देने की मांग की है। - नंदाबल्लभ बगौली, पूर्व ज्येष्ठ प्रमुख बाराकोट