पाटी (चंपावत)। मां वाराही धाम देवीधुरा में बृहस्पतिवार को वाराही शक्तिपीठ ट्रस्ट के अध्यक्ष हीराबल्लभ जोशी की अध्यक्षता में मंदिर नवनिर्माण के लिए बैठक हुई। मंदिर नवनिर्माण के शुभारंभ कार्य चैत्र नवरात्रि से प्रारंभ कराने का निर्णय लिया। इसके निर्माण में करीब नौ करोड़ रुपये खर्च होंगे।
सर्वप्रथम पिछले बैठक की पुष्टि की गई। ट्रस्ट अध्यक्ष जोशी ने कहा कि मंदिर का स्वरूप हर दृष्टिकोण से रखा गया है। इसमें धार्मिक, आध्यात्मिक और तांत्रिक रूप से ध्यान रखा गया। उन्होंने ने कहा कि मंदिर का निर्माण होने से धार्मिक, आध्यात्मिक एवं सामाजिक तीर्थाटन होने से क्षेत्र की आर्थिक बढ़ेगी। मंदिर निर्माण के भूमिपूजन से पूर्व कुल लागत का एक तिहाई धनराशि जमा होना आवश्यक होगा।
बैठक में नरेंद्र सिंह लडवाल ने सुझाव दिया कि प्रत्येक कार्यकर्ता का प्रयास रहे कि वह हर परिवार हर वर्ग का सहयोग लें। सुझाव देते हुए कहा कि देवीधुरा का नाम परिवर्तन कर वाराही धाम किया जा सकता है। कोषाध्यक्ष दिनेश जोशी के बताया कि सीए की ओर से दस्तावेजों की जांच की जाएगी। इसमें पूर्ण पारदर्शिता होगी। पुराने मंदिर समिति के खाते मार्च माह में बंद हो जाएंगे। बैठक में ट्रस्ट के संरक्षक लक्ष्मण सिंह लमगड़िया, चेतन सिंह बिष्ट, रोशन लमगड़िया, चंदन सिंह बिष्ट, मोहन सिंह बिष्ट, त्रिभुवन चम्याल आदि मौजूद रहे।
ट्रस्ट निशुल्क कराएगा धार्मिक कार्यक्रम
ट्रस्ट के संरक्षक लक्ष्मण सिंह लमगड़िया ने बताया कि अगले साल बसंत पंचमी के अवसर पर सामूहिक यज्ञोपवीत संस्कार, गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के सामूहिक विवाह कराएगा। वैशाख माह में भागवत कथा, भंडारे का आयोजन मां वाराही शक्तिपीठ ट्रस्ट निशुल्क कराएगा।
मां वाराही शक्तिपीठ के ट्रस्टी
हीरा बल्लभ जोशी, नरेंद्र सिंह लड़वाल, दिनेश जोशी, लक्ष्मण सिंह लमगड़िया, उदित लमगड़िया, खीम सिंह लमगड़िया, रोशन सिंह लमगड़िया, सोनू लमगड़िया, भगवान लमगड़िया, बहादुर सिंह नगदली, दीपक चम्याल, मोहन सिंह बिष्ट, दीवान सिंह बिष्ट, विनोद गड़कोटी, जगदीश सिग्वाल, राजेश बिष्ट, मदन लमगड़िया, लाल सिंह लमगड़िया आदि।