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एक मां ने दिखाई निर्दयता, दूसरी ने बचाया जीवन

Fri, 03 Mar 2017 10:46 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत
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नेपाल के गड्डा चौकी निवासी शांति श्रेष्ठ की गोद में बार्डर पर मिला नवजात। - फोटो : अमर उजाला
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महिला दिवस से पांच दिन पहले एक महिला ने मां की ममता को ऐसा कलंकित किया कि देखने वाला हर कोई उस निर्दयी मां को कोसने लगा। वहीं, एक मां का आंचल नवजात के लिए जीवन रक्षक बना। वाकया भारत-नेपाल के बनबसा बार्डर का है, जहां एक निर्दयी मां ने करीब पांच दिन के नवजात को बोरे में बंद कर जंगल में लावारिस छोड़ दिया। गनीमत रही कि नवजात पर एक मां की ही नजर पड़ गई और उसकी जान बचाई।
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नेपाल के गड्डा चौकी निवासी शांति श्रेष्ठ तीन मार्च की सुबह पशुओं के लिए चारा लेने भारत-नेपाल सीमा पर स्थित जंगल जा रही थी कि सीमा स्तंभ संख्या सात के पास नो मैंस लैंड में मुंह बंद एक बोरा हिलता हुआ दिखाई दिया। इस पर शांति ने बोरे का मुंह खोला तो अंदर जीवित नवजात को देखकर वह दंग रह गई।

पता चलने पर वहां नवजात को देखने के लिए लोगों का तांता लग गया। जो भी वहां पहुंचा वह नवजात को इस हाल में छोड़ने वाली मां को कोसता नजर आया। सूचना पर नेपाल सशस्त्र पुलिस के डीएसपी नेत्र केसी एवं पुलिस उप निरीक्षक हरी दत्त बडू ने मौके पर पहुंचकर नवजात को कब्जे में लिया।
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डीएसपी ने बताया कि नवजात बालक है और स्वास्थ्य परीक्षण के लिए उसे जिला अस्पताल ले जाया गया है। प्रमुख जिला अधिकारी की अध्यक्षता वाली प्रशासनिक समिति के निर्णय पर औपचारिक कार्रवाई के बाद उसे किसी को गोद दिया जाएगा। बताया गया कि जिस कपड़े में बच्चा लिपटा मिला है वह कपड़ा नेपाल के अस्पताल में ही बच्चा जन्म लेते समय दिया जाता है। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि यह बच्चा किसी नेपाली महिला का ही है।
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