चंपावत। अधिकतर लोग हेलमेट पहनकर न्यायालय के आदेश का अनुपालन क रने लगे हैं। इसके लिए जिले की पुलिस के प्रयास भी सार्थक रहे हैं। इससे बिक्री, मांग बढ़ने सेे हेलमेट का कारोबार भी बढ़ गया है। मगर आश्चर्य की बात ये है कि पुलिस की ओर से केवल दोपहिया वाहनों में हेलमेट ही चेक किए जा रहे हैं जबकि उन्हें वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस, बीमा, आरसी जैसे अभिलेख भी चेक करने चाहिए। पुलिस ने सप्ताहभर से जागरूकता अभियान चलाया है। इस दौरान विभिन्न स्थानों में दोपहिया वाहन चालकों को रोककर उन्हें स्वयं और सहयात्री को भी हेलमेट पहनने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। अभियान चलाने से पहले एसपी डीएस कुंवर ने वाहन चालकों, सहयात्रियों को हेलमेट खरीदने के लिए सप्ताहभर का समय दिया था, उसके बाद पुलिस ने जिलेभर में हेलमेट पहनो अभियान शुरू किया है। इसके तहत हेलमेट न पहनने वाले 100 से अधिक वाहन चालकों के चालान किए गए हैं। बाजार में वाहन चेकिंग पर आपत्ति
चंपावत। पुलिस की ओर से मुख्य बाजार में भी हेलमेट चेकिंग की जा रही है। जिसको लेकर विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों ने आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि मुख्य बाजार में 100 मीटर, 200 मीटर दूरी तक आने-जाने, मेहमानों को स्टेशन से लाने, ले जाने के लिए हेलमेट पहनना जरूरी नहीं होना चाहिए। उन्होंने सिर्फ लंबी दूरी वाले दोपहिया वाहनों के चालकों के लिए हेलमेट चेकिंग अभियान चलाने का सुझाव दिया है। बाइक सवार के हेलमेट पहनने से अंजान लोग
चंपावत। न्यायालय के आदेश में दोपहिया वाहन चालक समेत उसके साथ पीछे बैठने वाली सवारी के लिए हेलमेट पहनने को जरूरी किया गया है लेकिन अधिकतर दोपहिया चालकों के मुताबिक उन्हें इसकी जानकारी तक नहीं है, हालांकि कुछ लोग जानबूझ कर भी अनजान बन रहे हैं।