लोहाघाट। रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद ने निगम प्रशासन की सुस्त कार्यशैली एवं डिपो की व्यवस्थाओं में कोई ध्यान न दिए जाने पर रोष प्रकट किया है। परिषद की ओर से उठाई जाने वाली जनहित की मांगों को निगम प्रशासन के नजरअंदाज किए जाने से भी कर्मचारियों का गुस्सा परवान पर है। परिषद के अध्यक्ष केसी मुरारी की अध्यक्षता एवं सूरजभान के संचालन में हुई बैठक में अधिकारियों को आड़े हाथों लिया गया। वक्ताओं का कहना था कि जिला प्रशासन की ओर से रोडवेज की भूमि में से सख्ती के साथ अतिक्रमण हटाया गया, लेकिन अभी तक निगम ने यहां चाहरदीवारी का निर्माण नहीं किया है। बस स्टेशन न होने से यात्रियों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। डिपो के पास सभी पुरानी एवं खटारा बसें रह गई हैं, जिन्हें चलाने के लिए चालक-परिचालकों को मजबूर किया जा रहा है।
कार्यशाला की स्थिति दयनीय बनी हुई है। यहां तकनीकी कर्मचारियों के अभाव के चलते बसों की मरम्मत का कार्य भी अधर में लटका हुआ है। कार्यशाला में टिन शेड, फर्श एवं वायरिंग की जीर्ण स्थिति को देखते हुए यहां काम करना मुश्किल हो गया है। एसके वर्मा, शंकर पांडेय, सतीश पांडेय, सुनील कुमार, नरेंद्र कुमार सीएस दानी, मनोहर कार्की, एनडी जोशी, नरेश करायत, भवानी राम ने चालक-परिचालकों की स्थानीय स्तर पर नियुक्ति करने, कुशल एवं अकुशल मजदूरों का मानदेय बढ़ाने, एसीपी की विसंगति को दूर करने, वेतन ऐरियर एवं टीए आदि का भुगतान करने, संविदा कर्मियों की सेवाओं को नियमित करने एवं मृतक आश्रितों को रोजगार देने की भी मांग की गई तथा निगम प्रशासन के विरुद्ध शीघ्र आंदोलन करने का निर्णय लिया गया।