पिथौरागढ़। दीपावली में बम-पटाखे न बजे, ऐसा तो मुमकिन नहीं। पर इनका इस्तेमाल सावधानी से कर त्योहार का आनंद लेने के साथ ही पर्यावरण को भी सहेजा जा सकता है। इसी भावना को स्कूली बच्चों ने रैली निकाल प्रदर्शन किया।
समन्वयक मनोज जोशी ने पटाखों से वातावरण में होने वाले नुकसान एवं आम आदमी के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव की जानकारी दी। पटाखों में नाइट्रोजन डाईआक्साइड, सल्फर डाईआक्साइड जैसे हानिकारक प्रदूषक दमा एवं ब्रांकाइटिस जैसी सांस संबंधी समस्याओं को दावत देते हैं। इसके अलावा पर्यावरण पर तो इसकी मार पड़ती ही है। नेहा धामी, ज्योति धामी, सूरज मेहता, तनुजा पाल, पवन शर्मा ने कहा कि पटाखों से निकलने वाले धमाकेदार आवाज ध्वनि प्रदूषण को जन्म देती है और यह स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है। 50 डेसीबेल से तेज आवाज के पटाखे मानव के लिए हानिकारक होते हैं।
स्कूली बच्चों ने पटाखों से होने वाले कुप्रभाव और प्रदूषण की जानकारी दी। रैली में माइलस्टोन, स्प्रिंगडेल, तपोवन, मल्लिकार्जुन, दयासागर, ग्रीन वैली पब्लिक स्कूल, सरस्वती देव सिंह राजकीय इंटर कालेज के बच्चों ने हिस्सा लिया।