लोहाघाट (चंपावत)। भारत-नेपाल सीमा का विभाजन करने वाली महाकाली नदी के तट पर स्थित प्रसिद्ध नखरूंघाट मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए क्षेत्रीय लोग मुखर हो गए हैं। मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए आगामी 18 दिसंबर को नखरूंघाट में क्षेत्रीय लोगों की बैठक आहूत की गई है। इस दौरान देव गद्दी लगाकर लोक देवताओं से मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए अनुमति प्राप्त की जाएगी।
जगदीश चंद्र कलौनी, कमल बोहरा, डॉ. सतीश पांडेय, रमेश चंद, ग्राम प्रधान देवी चंद, भुवन भट्ट का कहना है कि नखरूंघाट में नागार्जुन देवता के पुरातन मंदिर का जीर्णोद्धार किए जाने के लिए 18 दिसंबर को क्षेत्र के पासम, लेटी, सुल्ला, बगोटी, सल्टा, जमरसों, मजपीपल, मडलक, गुरेली, सेलपेडू, सुनकुरी, देवकुंडा, रौंसाल, अषलाड़, डुमडाई आदि गांवों के लोगों की एक बैठक नखरूंघाट में आयोजित की जा रही है। मंदिर का भव्य पुनर्निर्माण करने के लिए विधायक, सांसद से सहयोग लेने के साथ-साथ सभी श्रद्धालुओं से सहयोग लिया जाएगा। वहां अनिल पांडेय, विक्रम सामंत, कैलाश तिवारी, खष्टी बल्लभ पांडेय, संतोक रावत, बद्री सिंह सौन, बहादुर चंद, प्रवीण पांडेय, गंगादत्त, राजपाल सामंत, मोहन पांडेय, देव सिंह, आदि थे।