चंपावत। बारहमासी सड़क निर्माण के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग में उठने वाले धूल के गुबार दुर्घटना को दावत दे रहे हैं। निर्माण स्थल पर इतनी ज्यादा धूल उठ रही है कि चालकों को सामने से आने वाले वाहन नहीं दिखाई दे रहे हैं। इससे दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। हालांकि राष्ट्रीय राजमार्ग खंड और पुलिस विभाग ने संबंधित कंपनियों को पानी का छिड़काव करने के निर्देश दिए हैं। बावजूद इसके धूल के गुबार उठ रहे हैं।
सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बारहमासी सड़क का निर्माण कार्य नवंबर 2017 में शुरू हुआ। 1065 करोड़ रुपये की लागत वाली सड़क का काम 2019 में पूरा होना है। शुरूआत में टनकपुर से पिथौरागढ़ तक 150 किमी.लंबी सड़क बननी है। 12 मीटर चौड़ी इस सड़क में साढ़े दस मीटर डामरीकरण होना है। टू लेन वाली इस सड़क पर कटिंग चल रही है। कटिंग के दौरान धूल के गुबार उठ रहे हैं। जिससे सामने से आने वाले वाहन नहीं दिखाई दे रहे हैं।
राष्ट्रीय राजमार्ग खंड के अधिकारियों का कहना है कि टनकपुर से चंपावत के बीच आठ टैंकर और चंपावत से घाट के बीच दो टैंकरों के जरिये पानी का छिड़काव किया जा रहा है। इन टैंकरों में पानी बाराकोट, धौन और बस्टिया से भरा जा रहा है। बावजूद इसके सड़क कटिंग के दौरान उठ रही धूल से निजात नहीं मिल पा रही है।
कोट
बारहमासी सड़क की कटिंग के दौरान डामर वाले हिस्से को साफ किया गया है। लेकिन कई वाहन चालक डामर वाली सड़क से न गुजर कर कटिंग के दौरान चौड़ी हुई जगह से वाहन दौड़ा रहे हैं। जिस वजह से धूल उठ रही है। टनकपुर से घाट के बीच दस टैंकरों के जरिए पानी का छिड़काव किया जा रहा है।
-एलडी मथेला, अधिशासी अभियंता, राष्ट्रीय राजमार्ग खंड।
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राष्ट्रीय राजमार्ग खंड और निर्माण कार्य कर रही कंपनियों को कई बार सड़क से मलवा और धूल साफ करने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश का पालन नहीं होने पर संबंधितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
धीरेंद्र सिंह गुंज्याल,पुलिस अधीक्षक, चंपावत।