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कन्या पक्ष को लगी चपत, दो बार बनाया खाना

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चंपावत। टनकपुर मेें सुबह होने वाली शादी बारातियों के देर से आने के चलते रात को करनी पड़ी। दोनों ही पक्षाें का प्रीतिभोज के लिए बनाया खाना बर्बाद हो गया और दोबारा खाना बनाना पड़ा। विवाह का खर्च दोगुना हो गया। जैसे-तैसे बारातियोें और वधू पक्ष ने इंतजाम कर विवाह संपन्न कराया।
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टनकपुर-पिथौरागढ़ एनएच पर बुधवार को धौन के पास बोल्डर गिरने से करीब साढ़े सात घंटे तक आवाजाही ठप रही। आने-जाने वाले लंबे जाम में फंसे रहे। जाम में फंसने वालोें में कई बाराती भी शामिल थे। उचौलीगोठ गांव के कमल सिंह के बेटे सुरेश सिंह का विवाह मंच के भुवन सिंह की बेटी रेनू से 21 फरवरी को होना था। जाम में फंसने से बारात समय पर नहीं पहुंची और एक दिन की शादी दो दिन में बदल गई।

दोपहर एक बजे पहुंचने वाली बारात रात करीब 9:30 बजे पहुंची। रास्ते में बाराती तो भूखे-प्यासे रहे ही, वहीं वधू पक्ष का दिन में बना भोजन बर्बाद हो गया और रात को दोबारा भोजन बनाया गया। शादी का नया मुहूर्त निकालकर रात करीब 10.55 बजे विवाह की रस्म पूरी की गई। दिन की शादी के कारण बारातियों के लिए बिस्तर का इंतजाम नहीं किया गया था। जैसे-तैसे एक टेंट हाउस से इंतजाम कराया।
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बारात बृहस्पतिवार दोपहर करीब दो बजे 111 किलोमीटर दूर उचौलीगोठ वापस पहुंची। वहीं वर पक्ष भी प्रीतिभोज नहीं करा सका। उनका प्रीतिभोज के लिए बनाया खाना भी बर्बाद हो गया। प्रीतिभोज बुधवार रात को ही था। इसके लिए भोजन तैयार करने से लेकर कई व्यवस्थाएं की गई थीं, मगर 400 लोगों का भोजन बर्बाद गया। अब प्रीतिभोज की तिथि भी आगे बढ़ा दी गई है। इस प्रकार दोनों ही पक्षों को भारी परेशानियां उठानी पड़ी और शादी का दोगुना खर्च उठाना पड़ा।

आठ किमी पैदल चले बाराती, कई रास्ते से ही लौटे
चंपावत। जाम के कारण बुधवार को फुरकियाझाला से दियूरी गांव जाने वाली बारात भी समय से नहीं पहुंच सकी। सड़क खुलने के इंतजार में कुछ बाराती थक-हारकर रास्ते से ही लौट गए, जबकि अन्य बारातियों को करीब आठ किमी पैदल चलना पड़ा।

फुरकियाझाला के लाल सिंह के बेटे राजू का विवाह दियूरी के पान सिंह की बेटी चंदा से 21 फरवरी को था। बारात दिन की थी, लेकिन समय पर नहीं पहुंची। तीन घंटे तक बस्टिया मझेड़ा में जाम में फंसने के बाद बाराती यहां से पैदल ही आगे बढ़े। कई बाराती धौन से बजौन मोड़ तक करीब नौ किमी पैदल चले। उतार-चढ़ाव भरे रास्ते का सफर 69 बारातियों ने करीब सवा दो घंटे में पूरा किया। वहीं 23 बाराती सड़क खुलने का इंतजार करने के बाद लौट गए। बजौन मोड़ से दियूरी तक का सफर गांव की जीप से हुआ।

इन बारातियों को लाने के लिए दो जीपों को दो चक्कर लगाने पड़े। दोपहर 1:53 बजे होने वाली शादी रात 8.31 बजे हुई। बारातियों को दोपहर का खाना खिलाना पड़ा। शादी की रस्म पूरी करने के बाद बारात आधी रात बाद करीब एक बजे वापस फुरकियाझाला पहुंची। वहीं, वर पक्ष के घर में भी दिन से इंतजार के चलते अफरातफरी मची रही। बहरहाल कई चुनौतियों के बीच बारात के सकुशल पहुंचने पर सभी ने राहत की सांस ली।

दूसरे दिन बिचई पहुंची बारात
लोहाघाट (चंपावत)। टनकपुर के बिचई गांव से चौड़ी गांव आई बारात दूसरे दिन बृहस्पतिवार सुबह यहां से विदा हुई। सुनील की बारात चौड़ी गांव की प्रधान विमला राय और आनंद राय के घर बुधवार रात करीब नौ बजे पहुंची। देर रात तक विवाह की रस्म होती रही। रात को दोबारा भोजन बनाया गया। रिश्तेदारों के घरों में रहने की व्यवस्था की गई। वहीं बृहस्पतिवार शाम को बिचई में प्रीतिभोज हुआ।
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