चंपावत। डीएम डॉ. अहमद इकबाल ने सोमवार को जिला कार्यालय सभागार में जिला योजना की समीक्षा की। कहा कि कार्यों के लिए राशि को लंबित रखना घोर आपत्तिजनक होने के साथ विकास कार्यों में गतिरोध उत्पन्न करता है। उन्होंने बिना आडिट की सात-आठ वर्षों से खाते में रखी राशि का ब्योरा 15 जनवरी तक उपलब्ध कराने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। बैठक में पर्यटन विभाग की समीक्षा में पर्यटन कार्यालय के प्रशासनिक अधिकारी के अनुपस्थित रहने पर वेतन रोकने के निर्देश परियोजना निदेशक डीआरडीए को दिए। उन्होंने 50 प्रतिशत से कम राशि व्यय करने वाले अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्हें जनवरी अंतिम सप्ताह तक 90 प्रतिशत से अधिक राशि व्यय करने के निर्देश दिए।
डीएम ने विभागीय अधिकारियों को निर्माण कार्यों का स्वयं निरीक्षण कर गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने, निर्माण कार्यों का तृतीय पक्ष से सत्यापन कराने को कहा। उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं द्वारा निर्मित खेल मैदान, शूटिंग रेंज, खेल उपकरण, सामग्री का खेल अधिकारी से निरीक्षण करने को कहा। उन्होंने सिंचाई, नलकूप, लघु सिंचाई, जल संस्थान, जल निगम एवं पेयजल से जुड़े सभी विभागीय अधिकारियों को टनकपुर क्षेत्र में होने वाले स्थलीय निरीक्षण में उपस्थित रहने को कहा। अर्थ संख्याधिकारी ने बताया कि जिला योजना में 4097 लाख की अनुमोदित राशि के सापेक्ष अवमुक्त 29.18 करोड़ में से 18.71 करोड़ की राशि विभिन्न विभागों ने व्यय की है। बैठक में परियोजना निदेशक एचजी भट्ट, डीडीओ आरसी तिवारी, अर्थ एवं संख्याधिकारी एनबी बचखेती, आरएस धामी, डीडी भट्ट, बीसी पंत, अवधेश राम सहित अन्य सभी अधिकारी मौजूद रहे।