प्रभारी प्रधानायार्या का पद छोड़ छात्राओं को पढ़ातीं चंपावत जीजीआईसी की भुवनेश्वरी नेगी। संवाद
चंपावत। 35 सूत्री मांगों की अनदेखी से आहत राजकीय शिक्षक संघ का विरोध जारी है। शुक्रवार को प्रधानाचार्य और प्रधानाध्यापक के प्रभार वाले प्रवक्ताओं ने इस अतिरिक्त प्रभार का त्याग किया। चंपावत जिले में 105 राजकीय हाईस्कूल और जीआईसी में मिलाकर 105 में से 91 प्रधानाचार्यों के पद प्रभार में चल रहे हैं। स्कूल के प्रबंधकीय और प्रशासनिक कार्यों को छोड़ दिया। इन शिक्षकों ने विद्यालयों में पठन-पाठन का कार्य किया।
शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष जगदीश अधिकारी और महामंत्री इंदुवर जोशी ने बताया कि राजकीय शिक्षक संघ एलटी से प्रवक्ता और प्रवक्ता से प्रधानाध्यापक पद पर पदोन्नति, 5400 ग्रेड पे वाले शिक्षकों को राजपत्रित घोषित करना, उप प्रधानाचार्यों के पदों का सृजन, अंतर मंडलीय स्थानांतरण सूची निर्गत करने, वेतन विसंगति दूर करने सहित 35 मांगों को लेकर 27 सितंबर से चरणबद्ध आंदोलन कर रहे है। और शुक्रवार को प्रधानाचार्य का अतिरिक्त प्रभार त्यागा।
मिनिस्टीरियल कर्मियों का काले फीता बांध जताया विरेाध
चंपावत। फेडरेशन ऑफ मिनिस्टीरियल सर्विसेज एसोसिएशन के प्रांतीय नेतृत्व आह्वान में चंपावत में गेट मीटिंग और काला फीता बांधकर विरोध जताया गया। 21 सूत्री मांगों को लेकर जिला महामंत्री जीवन चंद्र ओली के नेतृत्व में दूसरे दिन शुक्रवार को राजेंद्र बल्लभ भट्ट, गिरीश जोशी, दिनेश पांगती, आनंद नेगी, भूपाल राम, मनोहर लाल, कैलाश नाथ, गोपाल नेगी, निरंकार मिश्रा, एकता टम्टा, जीवन बिष्ट, गिरीश पांडे, गौरव कापड़ी, विमला जोशी आदि शामिल थे। संवाद