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चंपावत जिले के 90 स्कूलों का विलय होगा!

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चंपावत। चंपावत जिले में 90 स्कूलों का विलय होगा। शैक्षिक गुणवत्ता के मद्देनजर शिक्षा विभाग ने ये प्रस्ताव तैयार किया है। डीएम के निर्देश पर तैयार इस प्रस्ताव को सीईओ ने शिक्षा महानिदेशक को भेजा है।
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चंपावत जिले में पहली कक्षा से इंटर तक इस वक्त 681 सरकारी स्कूलों में 33307 विद्यार्थी हैं। औसतन एक छात्र पर निशुल्क शिक्षा, एमडीएम, गणवेश, पुस्तकें, स्वास्थ्य परीक्षण, शिक्षकों के वेतन सहित तमाम मदों पर ढाई हजार रुपये खर्च आ रहा है। लेकिन काफी स्कूलों में छात्रों की कमी और अधिकांश स्कूलों में मानक के अनुरूप शिक्षक नहीं होने से शैक्षिक गुणवत्ता का स्तर बेहद कमतर है। शैक्षिक स्तर बेहतर करने के लिए पिछले माह डीएम विनीत तोमर ने शिक्षा विभाग को प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए थे। जिस पर शिक्षा विभाग ने कम छात्र संख्या और कम शिक्षकों वाले पहाड़ी क्षेत्र में तीन किमी दूरी वाले स्कूलों को मजबूत आधारभूत ढांचे वाले स्कूलों में एकीकरण करने का प्रस्ताव भेजा है। विभाग का कहना है कि विलय से 2052 छात्र-छात्राओं को पास के स्कूल भेजा जाएगा। जिस पर हर माह 12.31 लाख रुपये वाहन खर्च आएगा। लेकिन इस कवायद से सभी स्कूलों को शिक्षा का अधिकार अधिनियम के मानक के मुताबिक छात्र-शिक्षक अनुपात मिलने के साथ हर विषय के शिक्षक उपलब्ध हो सकेंगे।
खाली होने वाले स्कूलों के भवन का ऐसे होगा उपयोग
चंपावत। चंपावत जिले में विलय के लिए प्रस्तावित 90 स्कूल के भवन का दूसरे रूप में उपयोग होगा। विभाग ने इन भवनों का उपयोग एएनएम केंद्र, सामुदायिक भवन, पंचायतघर और पुलिस चौकी के रूप में प्रस्तावित किया है। संवाद
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चंपावत जिले की शिक्षा की मौजूदा तस्वीर:
स्कूल व संख्या - विद्यार्थी- सृजित पद- कार्यरत- रिक्त
प्राथमिक स्कूल (484): 12201- 1094- 911- 183
जूनियर हाईस्कूल (092): 3030- 623- 389- 234
हाईस्कूल (044): 3636- 270- 231- 39
जीआईसी (061): 14440- 1036- 699- 337
कुल (681): 33307- 3023- 2230- 793
स्कूलों के एकीकरण और विलय के प्रस्ताव से फर्नीचर, प्रयोगशाला, कंप्यूटर, पुस्कालय, स्मार्ट कक्षाएं सहित अन्य आधारभूत ढांचा सशक्त होगा। जिससे छात्र-शिक्षक अनुपात में सुधार होने के साथ हर विषय का शिक्षक होने से शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार होगा।
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आरसी पुरोहित,
मुख्य शिक्षाधिकारी,
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