लोहाघाट (चंपावत)। बाराकोट तहसील कार्यालय में पिछले 19 दिन से बिजली गुल है। बिल का भुगतान न किए जाने के कारण यहां का बिजली का कनेक्शन 28 मार्च से कटा हुआ है। बिजली न होने से तहसील कार्यालय में न तो लोगों के प्रमाण पत्र बन पा रहे हैं, न ही खाता खतौनी मिल पा रही है। इससे ग्रामीणों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। परेशान लोगों ने ऊर्जा निगम तहसील में बिजली की आपूर्ति व्यवस्था सुचारु करने की मांग की है। आपूर्ति सुचारु न होने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी है।
बाराकोट के कनिष्ठ उप प्रमुख नारायण सिंह अधिकारी, पूर्व कनिष्ठ उप प्रमुख सुरेंद्र सामंत, सील बरयूड़ी के प्रधान मोहन सिंह सामंत, नेत्र सलान की रूपा देवी आदि का कहना है कि बिजली न होने से तहसील में पिछले 19 दिन से तहसील कार्यालय में कामकाज ठप पड़ा हुआ है। नागरिकों को आय, जाति, स्थायी निवास प्रमाणपत्र और खाता खतौनी आदि नहीं मिल पा रहे हैं। कई लोग सरकारी योजनाओं के लाभ से भी वंचित हो रहे हैं। ग्रामीणों ने कहा कि तहसील प्रशासन द्वारा अन्य मदों से विद्युत बिलों का भुगतान कर संयोजन जुड़वाना चाहिए। शीघ्र समस्या का समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई है। ऊर्जा निगम के कनिष्ठ अभियंता अशोक कुंवर का कहना है कि तहसील कार्यालय पर ऊर्जा निगम का करीब 30 हजार रुपये बिल बकाया है। बिल का भुगतान नहीं होने के कारण संयोजन काटा गया है।
चंपावत तहसील में भी जुगाड़ से चल रहा काम
चंपावत। बिजली के बिल के मामले में चंपावत तहसील कार्यालय और उप जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय की स्थिति भी कमोबेश बाराकोट जैसी बनी है। यहां एसडीएम सीमा विश्वकर्मा द्वारा किए गए वैकल्पिक प्रयास से तहसील व एसडीएम कार्यालय में व्यवस्था बनी हुई है। बिजली का 1.45 लाख रुपये का बिल नहीं चुकाने पर दोनों कार्यालयों के कनेक्शन 24 मार्च से कटे हुए हैं। इसके चलते नौ दिनों तक यहां के ज्यादातर कामकाज प्रभावित हुए। दो अप्रैल को स्टेट वाइड एरिया नेटवर्क (स्वान) के कार्यालय के कनेक्शन से इन दोनों दफ्तरों में कनेक्शन ले व्यवस्था सामान्य हो सकी।
कोट
बजट के अभाव के चलते विद्युत बिलों के भुगतान में देरी हो रही है। लोगों की दिक्कतों को देखते हुए विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता को विद्युत संयोजन जोड़ने को पत्र लिखा गया है। बजट आते ही बिल का भुगतान कर दिया जाएगा।
आरसी गौतम, एसडीएम, लोहाघाट।