चंपावत। जिला मुख्यालय और आसपास के क्षेत्रों के जंगलों में जाकर पिकनिक मनाने और वन्य जीवों को नुकसान पहुंचाने वालों की अब खैर नहीं होगी। ऐसे अराजक तत्वों पर अब सीसीटीवी की नजर रहेगी। पुलिस अधीक्षक धीरेंद्र गुंज्याल के निर्देश पर गौड़ी मोटर मार्ग में सीसीटीवी लगाकर इसकी शुरूआत कर दी गई है। इसके अलावा जिला मुख्यालय से निकलने वाले विभिन्न आंतरिक मोटर मार्गों और जंगलों के क्षेत्र में निगरानी के लिए तीन पिकेट तैनात कर दी हैं।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि जंगलों में जाकर पिकनिक मनाने के नाम पर शराब पीने और जुआ खेलने वालों पर अंकुश लगाने के लिए इस तरह का कदम उठाया गया है। उनका कहना है कि वनों में आग लगने की घटनाओं के पीछे भी कथित तौर पर पिकनिक ही जिम्मेदार होती है। उनका कहना है कि चंपावत मंच तामली, ललुवापानी खेतीखान और गौड़ी मोटर मार्ग से लगे जंगलों में पुलिस की ओर से निगरानी की जाएगी। इस दौरान जंगल में पिकनिक मनाने, शराब पीकर उधम काटने, वन्य जीवों को नुकसान पहुंचाने वालों पर पैनी नजर रखी जाएगी। उन्होंने बताया कि वर्तमान में पूर्णागिरि मेले की सुरक्षा के चलते फोर्स की कमी है। बावजूद इसके अराजक तत्वों पर सख्ती से निगरानी रखी जाएगी।
पुलिस ने की सीसीटीवी की स्थिति की जांच
चंपावत। जिला मुख्यालय में विधायक निधि से लगाए गए सीसीटीवी की स्थिति की पुलिस की ओर से जांच की गई। विधायक निधि से साढ़े सात लाख रुपये की लागत से मुख्यालय में आठ स्थानों में सीसीटीवी लगाए गए हैं। जिनकी मानीटरिंग का कार्य कोतवाली पुलिस को सौंपा गया है। उप निरीक्षक राजेश पांडेय के नेतृत्व में विभिन्न स्थानों में करीब एक माह पूर्व लगाए गए सीसीटीवी की स्थिति की जांच की गई।