चंपावत। जिला कार्यालय सभागार में बृहस्पतिवार को आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण संबंधी दो दिनी कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। इसमें देहरादून से आए आपदा प्रबंधन प्रशिक्षक बीबी गणनायक ने कहा कि आपदा के दौरान कुशल प्रबंधन, बहुमूल्य समय की बचत, राहत एवं पुनर्वास में तेजी और विभिन्न विभागों के मध्य उचित समन्वय के लिए शासन की ओर से इंसिडेंट रिस्पोंस सिस्टम (आईआरएस) की नई विकसित प्रणाली तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि आपदा के समय विभिन्न क्षेत्रों में हुई जनहानि, संपत्ति के नुकसान, राहत एवं बचाव कार्यों के संपादन और सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए सभी तहसील मुख्यालयों में सेटेलाइट फोन की उपलब्धता जरूरी होगी।
उन्होंने कहा कि भारी आपदा के समय ग्रामीण स्तर तक हुई हानि की जानकारी संबंधित क्षेत्र की आशा, आंगनबाड़ी, पटवारी, ग्राम विकास अधिकारी एवं अन्य कर्मचारियों से संपर्क कर जुटाई जा सकती है। एडीएम हेमंत कुमार वर्मा ने अधिकारियों को आईआरएस सिस्टम के तहत दी गई जानकारियों एवं उत्तरदायित्वों का पूरी तरह निर्वहन करने को कहा। कार्यशाला में पीडी एचजी भट्ट, डीएफओ केएस बिष्ट, कोषाधिकारी एचपी गंगवार, सीवीओ डॉ.बीएस जंगपांगी, डीआईओ एनआईसी मोहित शाह, डीएसओ आरएस धामी, डीएचओ एनके आर्या, बीडीओ पीएस रावत आदि उपस्थित थे।