लोहाघाट (चंपावत)। सुंई गांव में ऋषि तर्पण का आयोजन किया गया। इस मौके पर बड़ी संख्या में लोगों ने पुरानी जनेऊ उतार कर नई जनेऊ धारण की गई। आम तौर पर ऋषि तर्पण रक्षाबंधन पूर्णिमा के दिन होता है, लेकिन इस वर्ष रक्षाबंधन के दिन यदि ग्रहण होने के चलते इसे नाग पंचमी के मौके में किया गया।
राजेश चौबे ने बताया कि रक्षाबंधन पूर्णिमा के दिन यजुसाम उपाकर्म यानि ऋषि तर्पण होता है। शास्त्रीय विधान के निर्णय के अनुसार यदि पूर्णिमा के दिन ग्रहण होता है तो इसे नाग पंचमी के दिन किया जाता है। शुक्रवार को सुबह महासंकल्प के साथ भगवती नौले में लोगों द्वारा तुलसी, मिट्टी, गोबर, भस्म से स्नान किया गया। उसके बाद सूर्य को जलधारा दी गई। भगवती मंदिर में पं.जगदीश चंद्र पांडेय के पौरोहित्य में पूर्वांग, ऋषि तर्पण के बाद अपने पितरों का भी तपर्ण किया गया। बाद में पुराने जनेउ को उतारकर नई जनेउ धारण की गई। मुख्य यजमान केशव दत्त चौबे, गणेश दत्त चौबे, राजेश चौबे, उर्वादत्त चौबे, नवीन, मोहन, जगत प्रकाश, खिलानंद तिवारी, रविशंकर आदि लोग मौजूद थे।