चंपावत में टैंकर से पानी भरते लोग।
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शहर के कई मोहल्लों को पानी की आपूर्ति करने वाले रौखेत पेयजल स्रोत में 80 फीसदी पानी कम हो गया है। इससे शहर में पेयजल संकट गहराने लगा है। जल संस्थान द्वारा प्रभावित इलाकों में टैंकर और पिकअप पानी की आपूर्ति की जा रही है।
चंपावत शहर में जीआइसी रोड, कनलगांव, भैरवां, जीआईसी चौक, पिथौरागढ़ रोड समेत कई मोहल्लों में रौखेत जल स्रोत से बनी पेयजल योजना से पानी की आपूर्ति की जाती है। गर्मी के चले इन दिनों इस योजना के स्रोत में पानी कम हो गया है। इसके चलते योजना से जुड़े मोहल्लों में जल संकट गहरा गया है। पिछले दो दिनों से तो कई मोहल्लों में पानी की आपूर्ति पूरी तरह ठप है, जिससे लोग खासे परेशान हैं।
जल संस्थान के कनिष्ठ अभियंता किशोर पंत ने बताया कि रौखेत पेयजल स्रोत में 80 फीसदी की गिरावट आ गई है। इससे इस पेयजल योजना से जुड़े जीआईसी रोड, कनलगांव, भैरवां, जीआईसी चौक और पिथौरागढ़ रोड आदि मोहल्लों में पिछले दो दिन से आपूर्ति नहीं हो पा रही है।
उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार को विभाग ने प्रभावित इलाकों में दो टैंकरों के जरिए 24 हजार लीटर और पिकअप के जरिए छह हजार लीटर पेयजल बांटा गया। उन्होंने बताया कि पेयजल संकट की दृष्टि से संवेदनशील तल्लीहाट, मल्लीहाट, मोटर स्टेशन, गोरलचौड़ रोड, शांत बाजार और मादली क्षेत्र में भी टैंकर से पानी बांटा जा रहा है। जिला मुख्यालय में हर दिन 23 लाख लीटर पानी की जरूरत के सापेक्ष योजनाओं से केवल पांच लाख लीटर पानी की आपूर्ति हो पा रही है।