चंपावत। बुड़ाखेत गांव की एक गर्भवती महिला द्वारा जिला अस्पताल के पर्ची काउंटर के नजदीक खुले में शिशु को जन्म देने के मामले में जिला प्रशासन ने राज्यपाल को रिपोर्ट भेज दी है। गवर्नर द्वारा मांगी गई रिपोर्ट के बाद हुई संयुक्त जांच में बुधवार को जिला अस्पताल को क्लीन चिट दी गई है। पूरे मामले में न डॉक्टर की कोई गलती पाई गई और नहीं अस्पताल के किसी अन्य स्टाफ की।
राज्यपाल द्वारा मांगी रिपोर्ट के बाद मंगलवार शाम को डीएम रणवीर सिंह चौहान ने पूरे मामले की जांच करवाई। चंपावत के एसडीएम अनिल गर्ब्याल और सीएमओ डॉ.आरपी खंडूरी ने प्रसूता और उनके पति के अलावा डॉक्टर तथा अस्पताल के कई कर्मियों के बयान लेने के साथ ही दस्तावेजी जांच की। जांच रिपोर्ट डीएम को सौंपी गई। जिसमें गर्भवती का इलाज करने वाली डॉ.वर्षा और अस्पताल प्रशासन को क्लीन चिट दी गई है।
यह है डीएम की जांच रिपोर्ट
जिलाधिकारी ने जांच रिपोर्ट में बताया कि गर्भ के दस महीने होने के साथ जटिल केस होने की वजह से गर्भवती को जिला अस्पताल से रेफर किया गया था। कहा कि ऐसे जटिल मामलों में आमतौर पर विशेषज्ञ डॉक्टर की सेवा जरूरी है। लेकिन जिला अस्पताल में गायनाकोलोजिस्ट (स्त्रीरोग विशेषज्ञ) नहीं होने से रेफर करना जरूरी था। रिपोर्ट में बताया गया कि रेफर करने के बाद गर्भवती और उनके पति पैदल ही करीब एक किमी दूर गोरलचौड़ से धन निकालने गए। इस बीच गर्भवती को दर्द उठा, तो पति-पत्नी दोनों फिर से जिला अस्पताल आ गए। अस्पताल में दुबारा भर्ती होने से पूर्व ही पर्ची काउंटर के नजदीक शिशु का जन्म हो गया। इस पूरे मामले में न डॉक्टर की कोई गलती है और नहीं अस्पताल के स्टाफ की। अलबत्ता डीएम ने जिला अस्पताल में गायनाकोलोजिस्ट की जल्द से जल्द तैनाती के लिए आग्रह किया है।
क्या था मामला
चंपावत से 25 किमी दूर बुड़ाखेत गांव की गर्भवती भवानी देवी (35) अपने पति दिनेश राम के साथ 15 अप्रैल सुबह अस्पताल आई। जहां जिला अस्पताल की डॉ. वर्षा ने गर्भवती की गंभीर हालत को देखते हुए प्राथमिक इलाज के बाद महिला को पिथौरागढ़ रेफर किया। पिथौरागढ़ जाने से पहले ही भवानी देवी ने जिला अस्पताल के पर्ची काउंटर के पास बेटे को जन्म दिया। डॉ.वर्षा ने बताया कि शिशु का वजन सामान्य से डेढ़ किलो ज्यादा यानी पांच किलो था। शिशु के जन्म के बाद प्रसूता को भर्ती कर जिला अस्पताल में उपचार दिया गया। सीएमएस डॉ.आरके जोशी ने बताया कि जच्चा-बच्चा की तबियत में सुधार होने के बाद बुधवार अपराह्न उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया।