चंपावत। जिला मुख्यालय में नकदी का संकट बरकरार है जिसके चलते लगातार तीसरे दिन यहां के सभी एटीएम खाली रहे। नकदी की कमी से लोगों की परेशानियां बढ़ने लगी है। मंगलवार को भी जिला मुख्यालय के एटीएम खाली रहे। एसबीआई के सहायक प्रबंधक निर्मल भट्ट ने बताया कि मंगलवार को कलक्ट्रेट स्थित एटीएम में डेढ़ लाख रुपये की नकदी डाली गई लेकिन ये रकम कुछ ही देर में खत्म हो गई है। कुछ ऐसा ही हाल कैनेरा बैंक के एटीएम का भी रहा। एसबीआई के एटीएम में लंबे समय से धनराशि नहीं डाली जा सकी है। इसके अलावा पीएनबी, यूनियन, आईडीबीआई, सिंडीकेट, यूको बैंक के एटीएम भी नकदी की कमी के चलते बंद रहे।
पशुपालन विभाग के कर्मचारी हिमांशु जोशी, विनोद कुमार, अशोक समेत तमाम लोगों ने यहां के तकरीबन सभी एटीएम के चक्कर लगाए लेकिन उन्हें निराशा हाथ लगी। उधर सहकारी बैंक के मैनेजर गजेंद्र राणा ने बताया कि ग्राहकों को अधिकतम दस हजार रुपये दिए जा रहे हैं। बैंक को बीते पांच मई को एसबीआई से चार लाख रुपये मिले थे। बैंक में वर्तमान में 14 लाख रुपये की धनराशि ही बची है। इस रकम से जैसे तैसे काम चलाया जा रहा है।
कैश की उम्मीद में काट रहे एटीएम के चक्कर
लोहाघाट (चंपावत)। बैंकों में कैश की कमी के कारण लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मंगलवार को एसबीआई की ओर से सामान्य उपभोक्ताओं को पांच हजार रुपये, जरूरतमंदों को 20 हजार रुपये, शादी विवाह का कार्ड दिखाने वालों को 50 हजार रुपये का भुगतान किया गया। बैंकों से कैश निकालने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है। लोग कैश होने की उम्मीद में नगर में लगे एटीएम के चक्कर काट रहे हैं। वहां कैश न होने के कारण उन्हें निराश होना पड़ रहा है। एसबीआई के शाखा प्रबंधक नरेंद्र कुमार का कहना है कि कैश चैस्ट से मांग के अनुरूप धनराशि न मिलने, लोगों द्वारा बैंक में बहुत कम मात्रा में कैश जमा न करने से दिक्कतें आ रही हैं।