चंपावत। नौ नवंबर को उत्तराखंड राज्य को 17 साल पूरे हो गए। इसकी पूर्व संध्या यानि आठ नवंबर रात सात बजे से 11 बजे तक कलक्ट्रेट सहित प्रमुख सरकारी कार्यालयों को जगमग करना था, लेकिन अधिकांश सरकारी इमारतें अंधेरे में डूबी रही। बुधवार रात करीब छह घंटे तक बत्ती गुल रही। यही वजह थी कि कार्यालय जगमगाने के बजाय अंधकारमय थे।
बुधवार रात करीब छह बजे से मध्य रात्रि 12 बजे तक चंपावत, लोहाघाट, पाटी व बाराकोट विकासखंड के तमाम इलाके अंधेरे के आगोश में थे। इस अवधि में केवल जिले के मैदानी क्षेत्र टनकपुर-बनबसा की बिजली आपूर्ति सामान्य थी। पहाड़ में करीब छह घंटे तक बिजली ठप रही। इसके चलते कारोबारी वर्ग के साथ आम नागरिकों को दुश्वारी झेलनी पड़ी।
स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर सरकारी कार्यालयों में रात में रोशनी के बजाए अंधेरा छाया रहा। कलक्ट्रेट सहित इक्का-दुक्का कार्यालयों में तो जनरेटर से रात को उजाला किया गया, मगर ज्यादातर कार्यालय जगमग नहीं हो सके।
उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड के चंपावत डिविजन के अधिशासी अभियंता राजेश कुमार ने बताया कि बुधवार शाम करीब छह बजे लोहाघाट-घाट के बीच बाराकोट के नजदीक मरोड़खान में जंपर में खामी आने से बिजली बाधित हुई। खामी को खोजने के लिए चंपावत व लोहाघाट से बिजली कर्मियों की टीम भेजी गई। करीब 12 बजे खामी को ठीक किया जा सका।