चंपावत।
टकनागूढ़ से डांडा मल्ला मोटर के निर्माण शुरू होने की उम्मीद जगने लगी है। इस मार्ग को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से प्रस्तावित किया जाएगा। पीएमजीएसवाई के चंपावत डिवीजन के अधिशासी अभियंता एके वर्मन ने क्षेत्र का निरीक्षण कर इसे औचित्यपूर्ण बताया। कहा कि इस इलाके के दो गांव सड़क से करीब 16 किलोमीटर दूर है।
विभाग के अनुसार इस साल के शुरू में 56 किलोमीटर लंबे सूखीढांग-डांडा-मीडार (एसडीएम) मोटर मार्ग की कटिंग पूरी हुई। इससे क्षेत्र के 18 से अधिक गांव सड़क सुविधा से जुड़ चुके हैं। लेकिन टकनागूढ़ और डांडा मल्ला फिर भी रोड से कटा रहा। जिला पंचायत सदस्य उमाशंकर भट्ट, ग्राम प्रधान खष्टी देवी, क्षेत्र पंचायत सदस्य अनीराम, सामाजिक कार्यकर्ता प्रेम सिंह बोरा, बिशन सिंह महरा, धर्म सिंह आदि ने दौरे पर आए अधिशासी अभियंता एके वर्मन को बताया कि इन दोनों गांवों के लोगों को अब भी सड़क तक पहुंचने के लिए करीब 16 किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है। इन दोनों गांवों में 70 से अधिक परिवार रहते हैं। इनकी आबादी 1300 से अधिक है।
निरीक्षण में पीएमजीएसवाई की टीम में कनिष्ठ अभियंता दौलत चंद, बलदेव कापड़ी भी शामिल थे। पीएमजीएसवाई के अधिशासी अभियंता ने बताया कि टकनागूढ़ से डांडा मल्ला की 16 किलोमीटर की सड़क क्षेत्र के जरूरी है। उक्त क्षेत्र में सड़क की जरूरत बताते हुए उन्होंने पीएमजीएसवाई के मुख्य अभियंता को पत्र भेजा है।