पीएम किसान सम्मान निधि के लिए भटकता नायल गांव का बुजुर्ग किसान भोला दत्त भट्ट।
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चेहरे पर झुर्रियां, सफेद बाल, पीठ पर झोला और हाथ में लाठी लेकर 70 वर्षीय बुजुर्ग हांफते-हांफते कलक्ट्रेट को जाने वाली चढ़ाई को पार करते हैं। लोकसभा चुनाव 2019 से ठीक पहले फरवरी में मोदी सरकार की ओर से पेश अंतरिम बजट में पारित प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की रकम के लिए यह बुजुर्ग भटक रहा है। बुजुर्ग को अब तक एक भी किस्त नहीं मिली है और मंगलवार को बुजुर्ग ने कृषि विभाग में गुहार लगाई।
चंपावत से 17 किमी दूर नायल गांव के भोला दत्त भट्ट को योजना की एक भी किस्त नहीं मिल सकी है। उनका कहना है कि उन्होंने आवेदन सहित सभी औपचारिकताएं पूरी कर लीं लेकिन कई बार गुहार लगाने के बावजूद तीन में से एक भी किस्त नहीं आने पर उन्होंने प्रशासनिक अमले का दरवाजा खटखटाया। इसके बावजूद उन्हें योजना की रकम नहीं मिल सकी।
बुजुर्ग मंगलवार को फिर से कृषि विभाग पहुंचे। पाटी के मुख्य तहसील दिवस में गए मुख्य कृषि अधिकारी राजेंद्र उप्रेती ने फोन पर बुजुर्ग के प्रपत्रों की जांच कर उनकी खामी दूर कर जल्द से जल्द किसान सम्मान निधि दिलाने का भरोसा दिलाया। इसके लिए विभाग ने बुजुर्ग से आधार कार्ड और बैंक पासबुक की प्रतिलिपि भी ली।
5186 किसानों को अब भी पहली किस्त का इंतजार
चंपावत। जिले के 5186 किसानों को एक भी किस्त नहीं मिल सकी है। इसकी वजह किसानों के प्रपत्रों में खामी बताई गई है। सरकार ने इस साल फरवरी में पीएम-किसान योजना शुरू की थी जिसके तहत किसानों को हर साल दो हजार-दो हजार रुपये की तीन किस्तें दी जानी हैं। चंपावत जिले में 5186 किसानों को एक भी किस्त नहीं मिल सकी है।
मुख्य कृषि अधिकारी राजेंद्र उप्रेती का कहना है कि जिले में 32054 किसान पोर्टल में पंजीकृत हैं। इनमें से 26868 को पहली, 25813 दूसरी और 21383 किसानों को तीसरी किस्त मिली है। उनका कहना है कि बैंक खाते और किसानों के प्रपत्रों में नाम या अन्य खामियों की वजह से किसानों को किस्त नहीं मिल सकी है। इन खामियों को किसानों से दूर करवाया जा रहा है।