भूगर्भीय सर्वे के लिए खोदी जा रही 625 मीटर की सुरंग
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प्रस्तावित पंचेश्वर बांध के बड़े आकार का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसके भूगर्भीय सर्वेक्षण के लिए ही 625 मीटर लंबी सुरंग खोदी जा रही है। इस सुरंग को अगले डेढ़ साल में पूरा कर लिया जाएगा। फिलहाल 357 मीटर सुरंग खोदी जा चुकी है। सुरंग में जगह-जगह से मिट्टी और पत्थरों का नमूना लेकर दिल्ली स्थित प्रयोगशाला भेजा जाएगा।
भारत और नेपाल के संयुक्त प्रोजेक्ट के तहत पंचेश्वर बांध के भूगर्भीय सर्वेक्षण के लिए भारतीय और नेपाली क्षेत्र में एक-एक सुरंग खोदने का काम अक्तूबर 2001 से शुरू हुआ था। योजना के पहले चरण में तत्कालीन कार्यदायी संस्था केंद्रीय जल आयोग ने भारतीय क्षेत्र में दो मीटर ऊंची और दो मीटर चौड़ी सुरंग खोदने का काम शुरू किया। पिछले साल तक 350 मीटर सुरंग खोदी जा चुकी थी।
अब वापकोस कंपनी को सुरंग निर्माण का कार्य पूरा करने का जिम्मा दिया गया। कंपनी के डिप्टी चीफ इंजीनियर राहुल गौतम ने बताया कि बीते एक महीने में सात मीटर सुरंग खोदी जा चुकी है। खुदाई के जरिए इस सर्वे का काम जुलाई 2018 तक पूरा करने की बात कही गई है।
सुरंग निर्माण में काफी सावधानी बरती जा रही है। विस्फोट से पहाड़ों को नुकसान न हो, इसके लिए पहले मशीन से ड्रिल किया जा रहा है, उसके बाद उसमें निर्धारित क्षमता के विस्फोटक लगाए जा रहे हैं।