चंपावत। मौजूदा वित्त वर्ष में शराब की पांच दुकानें नहीं खुल सकी हैं। इस वित्त वर्ष के 15 दिन बीतने के बावजूद इन दुकानों में ताले लटके हुए हैं। किसी भी ठेकेदार के इन दुकानों को लेने के लिए आवेदन नहीं करने से ये दुकानें नहीं खुल पा रही है। इससे राजस्व को भी भारी नुकसान हो रहा है।
चंपावत जिले में सात अंग्रेजी और नौ देसी शराब की दुकानों से 2019-20 के लिए राजस्व वसूली का कुल 45 करोड़ रुपये का लक्ष्य रखा गया था। ई-टेडरिंग के जरिए अब तक सात (पाटी की अंग्रेजी शराब की दुकान, बृजनगर, टनकपुर अंग्रेजी शराब की दुकान, बनबसा, चंपावत, भिंगराड़ा और बाराकोट देसी शराब) दुकानें ही उठ सकी है।
तीन दुकानों (चंपावत, लोहाघाट और देवीधुरा की विदेशी शराब) का नवीनीकरण फरवरी माह में हो चुका था। जिला आबकारी अधिकारी आरएल साह ने बताया कि देसी शराब की पांच दुकानें (टनकपुर नंबर एक, टनकपुर नंबर दो, चल्थी, चंपावत और पुलहिंडोला) अभी तक नहीं खुल सकी है।
इनके लिए उच्चाधिकारियों से मार्गदर्शन मांगा गया है। दुकानों के बंद रहने से राजस्व को भारी नुकसान के साथ ही इन स्थानों में अवैध शराब की बिक्री के खतरे भी बढ़ रहे हैं।