चंपावत। जिले के पाटी ब्लॉक में रमक और गड्यूड़ा पेयजल योजना का काम शुरू हो गया है। इसके लिए कार्यदायी संस्था जल निगम को 42 लाख रुपये की धनराशि मिल चुकी है। कार्यदायी संस्था को अगस्त तक निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य दिया गया है। रमक गड्यूड़ा पेयजल योजना में चार टैंक और 20 मीटर पेयजल योजना तैयार की जाएगी। इसमें रमक में दो और गड्यूड में दो टैकों का निर्माण किया जाएगा।
योजना में 10 और 15 हजार लीटर के टैंक बनाए जाएंगे। रमक गड्यूड़ा पेयजल योजना बनने के बाद 12 सौ से अधिक ग्रामीण लाभान्वित होंगे। इन ग्राम पंचायत के लोग पेयजल योजना बनाने की मांग लंबे समय से करते आ रहे थे। अब पेयजल योजनाओं का निर्माण कार्य शुरू होने से ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गई है।
चंपावत जल निगम के जेई महेंद्र सिंह जंगपांगी का कहना है कि रमक गड्यूड़ा पेयजल योजना का कार्य शुरू कर दिया है। इसके लिए 42 लाख की धनराशि मिल चुकी है।
नौ महीने के अंदर पूरा करने का रखा है लक्ष्य
चंपावत। गड्यूडा रमक पेयजल योजना का निर्माण अगस्त 2019 तक पूरा किया जाना है। पेयजल योजना को समय पर तैयार करने के लिए कार्यदायी संस्था की ओर से तेजी से कार्य किया जा रहा है।
मंगोली गांव के लिए पेयजल योजना स्वीकृत
लोहाघाट (चंपावत)। विकासखंड के मंगोली गांव के लिए वर्षों से चली आ रही पेयजल योजना की मांग पूरी हो गई है। शासन की ओर से गांव के लिए पेयजल योजना स्वीकृत किए जाने पर ग्रामीणों ने खुशी जताई है। ग्राम प्रधान चांद सिंह बोहरा का कहना है कि गांव में पेयजल की कमी के कारण ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था।
ग्रामीण गाड, गधेरों, नौलों से पानी लाकर प्यास बुझाने को मजबूर थे। उनका कहना है कि करीब 20 वर्षों बाद गांव के लिए पेयजल योजना स्वीकृत हुई है। जिससे ग्रामीणों में काफी खुशी है। ग्रामीण नवीन राम, रमेश सिंह, लालू राम, कल्याण सिंह, मोहन सिंह, इंद्र सिंह, धर्म सिंह, लक्ष्मण सिंह, पूरन सिंह आदि लोगों का कहना है कि ग्राम प्रधान चांद बोहरा और क्षेत्र पंचायत सदस्य रमेश राम द्वारा पेयजल योजना के निर्माण के लिए वर्षों से प्रयास किया जा रहा था। पेयजल योजना स्वीकृत होने पर ग्रामीणों ने राज्य सरकार, जल संस्थान, ग्राम प्रधान चांद बोहरा, बीडीसी सदस्य रमेश राम के प्रति आभार जताया है।