चंपावत। जिलाधिकारी चैंबर में 25 जून को लगी आग की वजह शार्ट सर्किट नहीं थी। यह खुलासा ऊर्जा निगम के अधिकारी की जांच से हुआ है। इस रिपोर्ट के आने के बाद फिलहाल अग्निकांड की वजह पहेली बनी हुई है। अलबत्ता अभी अपर जिलाधिकारी की जांच पूरा होना बाकी है।
जिलाधिकारी के चैंबर और रिटायरिंग रूम में 25 जून को सुबह करीब आठ बजे भीषण आग लग गई थी। अचानक लगी आग से डीएम कार्यालय में लगे दो कंप्यूटर, सीसीटीवी और नियंत्रण यूनिट के साथ ही कार्यालय में रखा प्रचार साहित्य जल कर राख हो गया था। डीएम डॉ.अहमद इकबाल ने आग लगने के कारणों की जांच के लिए अपर जिलाधिकारी हेमंत कुमार वर्मा को जांच का जिम्मा सौंपा था। जांच अधिकारी की जांच अभी पूरी नहीं हो सकी है। अलबत्ता उन्होंने सबसे पहले शार्ट सर्किट के एंगिल से जांच के लिए कुमाऊं के विद्युत निरीक्षक से जांच करवाई।
विद्युत निरीक्षक गिरीश चंद्र पांडेय ने मौका मुआयना कर अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। विद्युत निरीक्षक ने अपनी रिपोर्ट में आग लगने का कारण शार्ट न होने की पुष्टि की है। इधर जांच अधिकारी एडीएम वर्मा का कहना है कि आग लगने के वक्त मौजूद चौकीदार और कुछ अन्य लोगों के बयान सहित अन्य परीक्षण के बाद जल्द ही रिपोर्ट सौंप दी जाएगी।
खारिज हो गई एफएसओ की शुरुआती रिपोर्ट
डीएम चैंबर में लगी आग शॉर्ट सर्किट का नतीजा था, लोहाघाट के अग्रिशमन अधिकारी (एफएसओ) चंदन राम की रिपोर्ट का यह शुरुआती निष्कर्ष था। मगर विद्युत निरीक्षक की रिपोर्ट आने के बाद एफएसओ का ये निष्कर्ष खारिज हो गया।