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बेरोजगार हो गए 550 से अधिक साक्षरता प्रेरक 

Tue, 13 Feb 2018 09:57 PM IST
अमर उजाला ब्यूूूूराे चंपावत
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 जिले में साक्षर भारत मिशन कार्यक्रम बंद होने से करीब 550 से अधिक साक्षरता प्रेरक बेरोजगार हो गए हैं। जिले के चारों विकासखंडों की कुल 313 ग्राम पंचायतों में 289 में खोले गए लोक शिक्षा केंद्रों में 550 से अधिक वरिष्ठ प्रेरक और प्रेरकों को तैनात किया गया था। जिन्हें 15 वर्ष और उससे अधिक के 38617 निरक्षरों को साक्षर बनाने का लक्ष्य दिया गया था। विभागीय आंकड़ों के अनुसार इनमें 38054 लोग साक्षर भी हो चुके हैं। हालांकि पूर्व में राज्य सरकार की ओर से प्रेरकों को बूथ लेबिल आफिसर (बीएलओ) की जिम्मेदारी दिए जाने का निर्णय लिया गया था, लेकिन बाद में इस दिशा में कोई शासनादेश जारी नहीं हो सका। 

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प्रदेश के छह जिलों की 2726 ग्राम पंचायतों में साक्षर भारत मिशन का कार्यक्रम साल 2009 से चल रहा था, जो 31 दिसंबर 2017 को बंद हो गया है। साक्षरता मिशन के राज्य परियोजना प्रबंधक पदमेंद्र सकलानी की ओर से लोक शिक्षा केंद्रों को बंद किए जाने संबंधी आदेश सभी लोक शिक्षा प्रेरकों को उपलब्ध करा दिया गया है। जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक सत्यनारायण का कहना है कि राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण से मिले निर्देशों के तहत सभी ब्लॉकों में तैनात लोक साक्षरता कार्यक्रम के सचिवों को राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण के आदेशों के अनुपालन करने को निर्देशित कर दिया गया है।

प्रेरकों को नहीं मिला है 16 माह का मानदेय
भारत साक्षर कार्यक्रम अब बंद हो गया है, लेकिन इनको संचालित करने वाले प्रेरकों को बीते 16 महीने का मानदेय नहीं मिला है। इस कार्यक्रम के जिला समन्वयक महेश चंद्र जोशी के अनुसार प्रेरकों के अवशेष मानदेय के लिए शासन स्तर पर पत्राचार किया जा रहा है। बजट की उपलब्धता के बाद प्रेरकों के मानदेय का भुगतान कर दिया जाएगा।

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