फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

युद्व स्तर पर चल रही पूर्णागिरि मेले की तैयारी

विज्ञापन
विज्ञापन
टनकपुर (चंपावत)। मां पूर्णागिरि धाम के प्रसिद्ध मेले का काउंट डाउन शुरू हो गया है। 3 मार्च से 101 दिन का मेला शुरू हो जाएगा। मेले की तैयारी अंतिम चरण में है। मेला शुरू होने के बाद टनकपुर क्षेत्र में दो माह तक चहल-पहल रहेगी। आयोजक संस्था जिला पंचायत एवं प्रशासन के साथ ही मंदिर समिति भी व्यवस्थाओं में जुटी है। व्यापारी भी दुकानों को संवारने में व्यस्त हैं। पुजारियों में भी मेले को लेकर उत्साह है। वहीं, मेले की तैयारी के बीच ट्रेन सेवा के शुरू होने से यात्रियों की आवाजाही बढ़ गई है। उद्घोष करते आते-जाते यात्रियों की टोलियों से रौनक बढ़ने लगी है।
विज्ञापन


आयोजक संस्था जिला पंचायत के साथ ही प्रशासन एवं मंदिर समिति के लोग व्यवस्थाओं को दुरुस्त कराने में जुटे हैं। बिजली, पथ प्रकाश, शौचालय, पेयजल, चिकित्सा, सुरक्षा आदि व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। मेला मजिस्ट्रेट एसडीएम अनिल चन्याल ने बताया कि मेले की ज्यादातर व्यवस्थाएं पूरी हो चुकी हैं, शेष व्यवस्थाएं के लिए संबंधित विभागों को मेले की शुरुआत से पहले पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

इधर, सीओ आरएस रौतेला ने बताया कि मेले की सुरक्षा व्यवस्था की रूपरेखा तय कर ली गई है। जिले के अलावा बाहरी जिलों से भी फोर्स मंगाया गया है। जिले का फोर्स होली से पहले यहां पहुंच जाएगा, जबकि बाहरी जिलों का फोर्स तीन मार्च से पहुंचना शुरू होगा।
विज्ञापन


इस बार बूम में होगा मेले का उद्घाटन
पूर्णागिरि मेले का उद्घाटन कार्यक्रम इस बार ठुलीगाड़ प्रवेश द्वार पर नहीं, बल्कि बूम पार्किंग स्थल के पास होगा। मेला प्रशासन ने बूम में उद्घाटन की तैयारी भी शुरू कर दी है। बता दें कि पूर्णागिरि मेले का परंपरागत तौर पर ठुलीगाड़ प्रवेश द्वार में ही उद्घाटन कार्यक्रम होता आया है, लेकिन इस बार उद्घाटन ठुलीगाड़ प्रवेश द्वार में नहीं होगा। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री द्वारा मेले का उद्घाटन करने की संभावना को देखते हुए मेला प्रशासन ने यह निर्णय लिया है।

मेला मजिस्ट्रेट एसडीएम अनिल चन्याल ने बताया कि मेले का उद्घाटन इस बार बूम में होगा। इसकी तैयारियां शुरू कर दी गई है। इधर, मंदिर समिति अध्यक्ष भुवन चंद्र पांडेय का कहना है कि मेले का उद्घाटन मुख्यमंत्री के हाथों कराने का प्रयास किया जा रहा है। इस बाबत समिति ने मुख्यमंत्री से आग्रह भी किया है। हालांकि अभी कार्यक्रम तय नहीं है, लेकिन इसकी संभावना को देखते हुए प्रशासन व्यवस्थाओं को लेकर अलर्ट बना हुआ है।

ककरालीगेट से मुख्य मंदिर तक है पथ प्रकाश व्यवस्था
मेला अवधि में ककरालीगेट से मुख्य मंदिर तक का क्षेत्र रोशनी से जगमग रहेगा। पथ प्रकाश की व्यवस्था कर रहे मेरठ के विद्युत ठेकेदार अजीत कुमार को ही इस बार भी यह ठेका आवंटित हुआ है। ठेकेदार ने बताया कि पथ प्रकाश के लिए पूरे क्षेत्र में विद्युत लाइन बिछा दी गई है। होली के दिन शाम से ही वे पथ प्रकाश की व्यवस्था शुरू कर देंगे।

ट्रेन सेवा से भीड़ उमड़ने की उम्मीद
दो साल बाद ट्रेन सेवा शुरू होने से इस बार पूर्णागिरि मेले में श्रद्धालुओं की जबरदस्त भीड़ उमड़ने की उम्मीद जताई जा रही है। प्रशासन ने भी इस उम्मीद के मद्देनजर सुरक्षा समेत विभिन्न व्यवस्थाएं तय की है।

गौरतलब है कि बड़ी रेल लाइन निर्माण कार्य के चलते टनकपुर से ट्रेन सेवा पिछले दो साल से बंद थी, जिसका असर पूर्णागिरि मेले की रौनक पर भी नजर आया, लेकिन अब ट्रेन सेवा शुरू होने से इस बार पिछले दो सालों की तुलना में श्रद्धालुओं की भीड़ ज्यादा उमड़ने की उम्मीद है।

रेलवे भी मेला स्पेशल ट्रेनों के संचालन की तैयारी में जुटा
पूर्णागिरि मेले में रेलवे भी मेला स्पेशल ट्रेनों के संचालन की तैयारी में जुटा है। मेला स्पेशल ट्रेनों के संचालन के साथ ही टनकपुर से सीधे बरेली तक ट्रेन सेवा बढ़ाने की उम्मीद जताई जा रही है। रेलवे सूत्रों के अनुसार मेला स्पेशल ट्रेनों के संचालन को लेकर अभी कोई फैसला नहीं लिया गया है।

रेलवे द्वारा इसके लिए सर्वे किया जा रहा है। सूत्रों की मानें फिलहाल मेले के पहले दिन यानी तीन मार्च से ही मेला स्पेशल ट्रेनों के संचालन की उम्मीद कम है, लेकिन मेला शुरू होने के एक-दो दिन बाद संचालन शुरू किया जा सकता है। स्टेशन अधीक्षक केडी कापड़ी का कहना है कि अभी मेला स्पेशल ट्रेेनों के संचालन को लेकर कोई कार्यक्रम नहीं आया है, लेकिन सर्वे किया जा रहा है।

पूर्णागिरि मेले में 15 बसों का संचालन करेगा रोडवेज
टनकपुर (चंपावत)। रोडवेज ने भी पूर्णागिरि मेले में बसों के संचालन की रूपरेखा तय कर ली है। पूर्णागिरि मार्ग पर टनकपुर से ठुलीगाड़ के बीच रोज 15 बसों का नियमित संचालन होगा। सहायक मंडलीय प्रबंधक संचालन केएस राणा ने बताया कि तीन मार्च से पंद्रह जून तक पूर्णागिरि के लिए 15 बसों का नियमित संचालन होगा।

वहीं मैदानी क्षेत्रों के लिए भी बसों का संचालन बढ़ाया जाएगा। उन्होंने बताया कि टनकपुर से लखनऊ के लिए रात्रिकालीन एसी बस सेवा शुरू कर दी गई है। यह बस टनकपुर से रोजाना शाम सात बजे लखनऊ के लिए और लखनऊ से रात्रि नौ बजे टनकपुर के लिए रवाना होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें