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प्रस्ताव खारिज होने पर भी बनी रहेगी जिला पंचायत की सियासी गर्मी

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अमर उजाला ब्यूरो
चंपावत। छह माह पूर्व हुए विधानसभा चुनाव नतीजों का असर जिला पंचायत की सियासत पर झलकने लगा है। इसके मद्देनजर पंचायत की राजनीति में भी हलचल है। जिला पंचायत सदस्य भोला सिंह बोहरा, मीना देवी, उषा गुरुंग, पुष्कर बोहरा, बसंत पुनेठा के अलावा भाजपा से संबंध रखने वाले तीन सदस्यों के हस्ताक्षर से अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया। मगर जांच के बाद भाजपा से जुड़े सदस्यों के हस्ताक्षर फर्जी पाए जाने से नोटिस को खारिज कर दिया गया। जिलाधिकारी डॉ.अहमद इकबाल ने अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस देने के लिए 8 सदस्यों की संख्या नहीं होने से प्रस्ताव खारिज किया। इसके चलते अविश्वास प्रस्ताव के भविष्य के विकल्प खुले हैं।

15 सदस्यीय जिला पंचायत का 5 अगस्त 2014 को गठन हुआ था। जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में कांग्रेस के खुशाल सिंह अधिकारी ने लोहाघाट के विधायक पूरन सिंह फर्त्याल की धर्मपत्नी सुषमा फर्त्याल को 3 वोटों से शिकस्त दी थी। वहीं इस साल 15 फरवरी को हुए विधानसभा चुनाव में लोहाघाट सीट से भाजपा प्रत्याशी पूरन सिंह फर्त्याल ने कांग्रेस उम्मीदवार व जिला पंचायत अध्यक्ष खुशाल सिंह अधिकारी को कांटे के मुकाबले में सारा हिसाब बराबर किया।
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इस साल जनवरी तक जिला पंचायत बोर्ड में कांग्रेस समर्थित 9 और भाजपा के 6 सदस्य थे। लेकिन विधानसभा चुनाव से पूर्व जनवरी में जिला पंचायत उपाध्यक्ष देवकी लमगड़िया कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हुई, और एक अन्य जिला पंचायत सदस्य भाजपा के समर्थन में प्रचार में उतरी थीं। इससे जिला पंचायत में राजनीतिक संतुलन में बदलाव के साथ ही सियासी गरमाहाट के भी संकेत उभरे।
जिला पंचायत अध्यक्ष खुशाल सिंह अधिकारी बदले सियासी घटनाक्रम पर सतर्क नजर रखे हुए हैं। इधर भाजपा जिलाध्यक्ष हिमेश कलखुड़िया का कहना है कि पार्टी ने अविश्वास प्रस्ताव पर फिलहाल निर्णय नहीं लिया गया है।
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2006 में गिर चुका है अविश्वास प्रस्ताव
जिला पंचायत में अब तक एक बार अविश्वास प्रस्ताव लाया गया। 2006 में तत्कालीन जिला पंचायत अध्यक्ष ललित मोहन पांडेय के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव पास नहीं हो सका था। जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी राजेश कुमार का कहना है कि अविश्वास प्रस्ताव के पारित होने के लिए दो-तिहाई बहुमत की जरूरत होती है। 15 सदस्यीय जिला पंचायत बोर्ड में अविश्वास प्रस्ताव के लिए न्यूनतम 10 सदस्य जरूरी है।
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