चंपावत। विशेष सत्र न्यायाधीश प्रेम सिंह खिमाल ने चार साल पूर्व हुए जानलेवा हमला करने के मामले की सुनवाई करते हुए टनकपुर निवासी आरोपी भीम सिंह पुत्र दिनेश सिंह को तीन साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा आरोपी पर 25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड की अदायगी न होने पर उसे एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। न्यायालय ने इस मामले में साक्ष्य के अभाव में तीन आरोपियों को दोषमुक्त किया।
प्राप्त घटना विवरण के अनुसार नौ अक्तूबर 2013 की रात को नायकगोठ टनकपुर निवासी सागर बाल्मिकी शारदा तट पर धार्मिक जप कर रहा था। इसी बीच भीम सिंह ने अपने तीन अन्य साथी नायकगोठ निवासी गिरधर सिंह उर्फ गिरिया पुत्र प्रताप सिंह, मनोज सिंह उर्फ छोटू पुत्र महेंद्र सिंह और राजेंद्र सिंह उर्फ राजू पुत्र पुष्कर सिंह के साथ वहां पहुंचा और आंखें मूंदकर जप कर रहे सागर बाल्मिकी पर लाठी डंडों से जानलेवा हमला कर दिया। साथ ही उसे जातिसूचक शब्दों में गालियां दी। हमले में सागर के दोनों हाथ टूट गए थे और सिर में गंभीर चोटें आई थी। इस मामले में सागर के परिजनों की ओर से पुलिस को सौंपी गई तहरीर के आधार पर आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 325 और एससीएसटी एक्ट की धाराओं मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया था।
मामले में उभयपक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलों को सुनने और साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद विशेष सत्र न्यायालय ने अभियुक्त भीम सिंह को एससीएसटी एक्ट के तहत दोषमुक्त किया लेकिन आईपीसी की धारा 325 के तहत तीन साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई। इसके अलवा गिरधर सिंह गिरिया, मनोज उर्फ छोटू और राजेंद्र उर्फ राजू को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त करार दिया। अभियोजन की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता सुनील खर्कवाल और विद्याधर जोशी ने पैरवी की।