चंपावत। जिले के 5111 किसानों के साथ ही प्रदेश के 1,13,902 किसान अब तक प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से वंचित हैं। यह किसान प्रधानमंत्री सम्मान निधि प्राप्त करने की पूरी पात्रता रखते हैं, लेकिन इन किसानों की ई-केवाईसी लंबित होने से उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
इस संबंध में उत्तराखंड शासन के सचिव विनोद कुमार सुमन ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र जारी कर किसानों की ई-केवाईसी पूर्ण कराने के लिए विशेष अभियान संचालित चलाने के निर्देश दिए हैं। सचिव की ओर जारी निर्देश में कहा गया है कि योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए उन किसानों को ही पात्र माना जाएगा जिनके पास खेती योग्य भूमि है। बैंक खाते आधार से लिंक हो और उनकी ई-केवाईसी पूर्ण हो चुकी हो। केंद्र सरकार की ओर से इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक (आईपीपीबी) के सहयोग से किसानों के बैंक खातों को आधार से लिंक कराया जा रहा है। कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के सहयोग से किसानों के पंजीकरण और ई-केवाईसी को पूर्ण कराया जा रहा है। प्रदेश के 1,13,902 किसान ऐसे हैं जो पात्र हैं लेकिन उनकी ई-केवाईसी लंबित है। इन किसानों की ई-केवाईसी पूर्ण हो जाती है तो वह योजना के तहत पात्र बन जाएंगे।
बाक्स
विभिन्न जिलों मेंं सम्मान निधि से वंचित किसानों का विवरण
जिला - सम्मान निधि से वंचित किसान
हरिद्वार - 25765
टिहरी गढ़वाल - 14400
अल्मोड़ा - 14312
उधमसिंह नगर - 12529
पौड़ी गढ़वाल - 8041
पिथौरागढ़ - 6622
देहरादून - 6609
नैनीताल - 5380
चंपावत - 5111
चमोली - 5012
उत्तरकाशी - 4535
बागेश्वर - 3034
रुद्रप्रयाग - 2552
-
केंद्र सरकार के निर्देश पर जिले में किसानों की लंबित ई-केवाईसी को पूरा करने के लिए सीएससी और ग्राम नोडल अधिकारी के सहयोग से 21 फरवरी तक विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
नवनीत पांडे, डीएम, चंपावत।